कभी-कभी विकास की बयार ऐसी चलती है कि वर्षों से चली आ रही परंपराओं पर ही सवाल खड़ा कर देती है, और जब बात खेल के मैदान की हो, तो जनभावनाओं का उबाल आना स्वाभाविक है।
कुशेश्वरस्थान समाचार: उच्च विद्यालय के खेल मैदान में बन रहे विवाह भवन के निर्माण पर स्थानीय लोगों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके बाद बिरौल एसडीओ को खुद मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करनी पड़ी।
यह पूरा मामला कुशेश्वरस्थान पूर्वी स्थित उच्च विद्यालय के मैदान से जुड़ा है, जहां एक विवाह भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है और तत्काल कार्य रोकने की मांग करते हुए जिला पदाधिकारी सहित कई उच्चाधिकारियों को आवेदन भी सौंपा था। उनका तर्क है कि यह मैदान दशकों से विभिन्न सामाजिक और खेलकूद कार्यक्रमों के लिए उपयोग होता आया है।
कुशेश्वरस्थान समाचार: क्या कहते हैं एसडीओ शशांक राज?
बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शशांक राज गुरुवार को खुद उच्च विद्यालय कुशेश्वरस्थान के मैदान पहुंचे और स्थल पर बन रहे विवाह भवन के निर्माण कार्य की गहनता से जांच की। जांच के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की शिकायतें भी सुनीं। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेज दी जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि विभाग से इस सरकारी ज़मीन विवाद पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विरोध क्यों कर रहे हैं स्थानीय लोग?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खेल मैदान सिर्फ एक खाली जगह नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान है। यहां समय-समय पर न सिर्फ खेलकूद प्रतियोगिताएं होती हैं, बल्कि विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और सभाएं भी आयोजित की जाती हैं। विवाह भवन के निर्माण से इस मैदान का अस्तित्व हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं और आम जनता को भारी असुविधा होगी। इस मुद्दे पर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। स्थानीय निवासियों की मांग है कि निर्माण कार्य पर अविलंब रोक लगाई जाए और मैदान को उसके मूल स्वरूप में ही रहने दिया जाए। यह एक गंभीर सरकारी ज़मीन विवाद है, जिसे आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आगे क्या होगा?
मौके पर एसडीओ के साथ सीओ गोपाल पासवान, बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा, मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान, जय प्रकाश पासवान सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। सभी ने एसडीओ से अपनी बात रखी और मैदान के महत्व को समझाया। प्रशासन अब इस संवेदनशील मामले पर क्या निर्णय लेता है, यह देखना दिलचस्प होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

