
दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। किसी थानेदार की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं करना खुद में अपराध है। सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि कोई भी पीड़ित अगर थाना में आवेदन देता है तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई करें।
दरभंगा जिला में ऐसा होता नहीं है। हर दिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की जाती है। दस लाख रुपये बतौर रंगदारी मांगे जाने के बावजूद बेता ओपी के शाहगंज निवासी स्व. शिव कांत झा के पुत्र मनोज भास्कर की ओर से दिये गये लिखित आवेदन पर लहेरियासराय थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
पीड़ित श्री भास्कर इस मामले को लेकर एसएसपी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया है। इन्होंने आवेदन में कहा है कि स्वीट होम के सामने अभिनंदन मार्केट में दो दुकान वर्षों से किराया पर लेकर अंजली इंटरप्राइजेज़ के नाम से दुकान चला रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि 22 अगस्त को नव टोलिया मुहल्ला के विद्यानंद साह और विकास कुमार साह उनके दुकान का ताला तोड़कर करीब पांच लाख रुपये का क्षति पहुंचा दिया है। साथ ही लेप टॉप कम्पूटर आदि कई सामानों को चुरा लिया है। उन्होंने कहा है कि दस लाख रुपये रंगदारी नहीं देने के कारण यह गुंडागर्दी उन लोंगों द्वारा कर दी गई है।
मनोज ने जब यह शिकायत लहेरियासराय थानाध्यक्ष से की तो उन्होंने कहा कि यह दीवानी मामला है। आप सीओ से शिकायत कीजिये। मनोज से इस बाबत पूछा तो कहा कि यह दीवानी मामला कैसे हो सकता है। ना जमीन उसकी है ना दुकान उसकी है।
मनोज ने कहा कि यह दुकान वह किराए पर लेकर चला रहे हैं। फिर सीओ से हम शिकायत क्यों करें। आसपास के दुकानदारों से इस बाबत पूछताछ की तो सभी ने कहा कि कई वर्षों से अंजली इंटरप्राइजेज़ के नाम पर मनोज भास्कर किराए पर दुकान रखें हुये है और दुकान चला भी रहा है।
दुकानदारों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा कि कही मकान मालिक की कोई साजिश तो नहीं है। दुकानदारों ने शंका जाहिर की कि ऐसा भी हो सकता है कि मकान मालिक दोनों दुकान को मनोज से बिना पूछे ज्यादा किराए पर दे दिया हो?
इन लोगों ने यह भी बताया कि दुकान का ताला तोड़कर गुंडा प्रवृति के लोग समान चुराकर ले गये हैंद्ध और सामान को क्षति भी पहुंचाया है। सबने एक स्वर में कहा कि अगर मकान मालिक ऐसा किए होंगे तो उनके साथ साथ दोनों लोग गुनाहगार हैं।







