



LNMU News: शिक्षा के मंदिर में जब नतीजों का न्याय थम जाए, तो छात्रों का आक्रोश सड़क पर उतर ही आता है। कुछ ऐसा ही नजारा बुधवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में देखने को मिला, जहां छात्रों के सब्र का बांध आखिर टूट ही गया।
LNMU News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के परीक्षा परिणामों में लगातार हो रही गड़बड़ियों और डेटा सेंटर की मनमानी के खिलाफ मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। बुधवार को एमएलएसएम कॉलेज प्रभारी रोहित मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय स्थित डेटा सेंटर को घेरकर घंटों तक जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
LNMU News: क्यों भड़का छात्रों का गुस्सा?
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे MSU के विश्वविद्यालय अध्यक्ष अनिश चौधरी, महासचिव आदर्श मिश्रा, और मधुबनी जिला अध्यक्ष अंकित आजाद ने संयुक्त रूप से कहा कि यह डेटा सेंटर छात्रों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि मानसिक प्रताड़ना का अड्डा बन चुका है। नेताओं ने आरोप लगाया कि दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के लाखों छात्रों का भविष्य इस भ्रष्ट व्यवस्था के कारण दांव पर लगा है। कभी उपस्थित छात्र को अनुपस्थित बता दिया जाता है, तो कभी पूरे कॉलेज का परीक्षा परिणाम ही रोक दिया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस वजह से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब छात्र आर्थिक और मानसिक रूप से टूट रहे हैं।
छात्र-छात्राएं अपनी मार्कशीट में सुधार करवाने के लिए महीनों से विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी ने इस निजी एजेंसी के हौसले और बुलंद कर दिए हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डेटा सेंटर बना ‘दुविधा सेंटर’
एमएलएसएम कॉलेज प्रभारी रोहित मिश्रा ने डेटा सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “छात्रों के रिजल्ट के साथ हो रही यह धांधली एक सोची-समझी साजिश लगती है। ऐसा लगता है जैसे जानबूझकर गलतियां की जाती हैं ताकि सुधार के नाम पर छात्रों का शोषण किया जा सके।” उन्होंने मांग की कि इस एजेंसी के कामकाज की तत्काल एक उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए और जिन छात्रों के परिणामों में गड़बड़ी है, उन्हें बिना किसी देरी के ठीक किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छात्रों का कहना है कि यह डेटा सेंटर नहीं, बल्कि ‘दुविधा सेंटर’ बन गया है।
आर-पार की लड़ाई की चेतावनी
यूनियन के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द-से-जल्द इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, छात्रों को ठोस कार्रवाई चाहिए। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो मिथिला स्टूडेंट यूनियन पूरे विश्वविद्यालय में तालाबंदी करने पर मजबूर हो जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि छात्र अपने भविष्य के साथ और खिलवाड़ बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।


