
Earth Day: धरती को बचाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के भूगोल विभाग में भी इस बार शानदार तरीके से पृथ्वी दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है।ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आगामी 24 अप्रैल को विश्वविद्यालय भूगोल विभाग में पृथ्वी दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व कुलपति प्रो एस एम झा मुख्य अतिथि के रूप में, जबकि डब्ल्यूआईटी के पूर्व निदेशक प्रो मो नेहाल अहमद मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होंगे। यह आयोजन छात्रों और शिक्षकों को एक साथ लाने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Earth Day समारोह का मुख्य आकर्षण
पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में, विश्वविद्यालय भूगोल विभाग ने छात्र-छात्राओं के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इन प्रतियोगिताओं में भाषण, निबंध और पोस्टर प्रस्तुतीकरण शामिल थे, जिनमें बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इन छात्रों ने मारी बाजी, बने विजेता
- भाषण प्रतियोगिता:
- प्रथम स्थान: प्रिया कुमारी
- द्वितीय स्थान: आदित्य कुमार
- तृतीय स्थान: आदर्श उज्ज्वल और रचना झा
- निबंध प्रतियोगिता:
- प्रथम स्थान: आदर्श उज्ज्वल
- द्वितीय स्थान: सुरभि कुमारी
- तृतीय स्थान: संध्या कुमारी
- पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता:
- प्रथम स्थान: शैलजा सरोज
- द्वितीय स्थान: आकांक्षा रंजन
- तृतीय स्थान: शिल्पा कुमारी मिश्रा
इन सभी सफल प्रतिभागियों को 24 अप्रैल को भूगोल विभाग में आयोजित मुख्य समापन समारोह में प्रमाण पत्र और मेडल से सम्मानित किया जाएगा। अन्य सभी प्रतिभागियों को भी विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। निर्णायक मंडल में डॉ आर एन चौरसिया, डॉ राजीव कुमार, डॉ संजीव कुमार साह, डॉ ममता स्नेही और डॉ आर्यिका पॉल शामिल थे।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विभागीय प्राध्यापक डॉ रश्मि शिखा एवं डॉ मनु राज शर्मा, सहायक रणधीर प्रसाद रणवीर, उदय कुमार उदेश, शोधार्थी सुरभि कुमारी, अभिषेक आकर्ष, नंदन कुमार सत्यम, मो रिजवान आजाद और आयातुल्लाह आदि ने सक्रिय सहयोग किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। पृथ्वी दिवस 1970 से विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पृथ्वी दिवस क्यों है महत्वपूर्ण?
विश्वविद्यालय भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ अनुरंजन ने बताया कि पृथ्वी पर प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और उनका अंधाधुंध उपयोग गंभीर समस्याएं पैदा कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानव और प्रकृति के बीच सह-अस्तित्व का संबंध होना चाहिए। यह दिवस सतत विकास की अवधारणा पर आधारित है, जिससे वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों का भी ध्यान रखा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने आगे कहा कि Earth Day का लक्ष्य संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत विकास को बढ़ावा देना है।







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