
Samarth Portal: जैसे एक मजबूत नींव पर ही बुलंद इमारत खड़ी होती है, ठीक उसी तरह डिजिटल क्रांति की सफलता सही प्रशिक्षण पर निर्भर करती है। इसी दिशा में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने अंगीभूत कॉलेजों के नोडल पदाधिकारियों के लिए ‘समर्थ-प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह विश्वविद्यालय बिहार में समर्थ पोर्टल को सफलतापूर्वक लागू करने में नेतृत्व करेगा।कुलपति ने इस पहल को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी नामित पदाधिकारी अपने-अपने कॉलेजों में तीन शिक्षकों और दो कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉलेज का काम बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलता रहे।
Samarth Portal के सफल क्रियान्वयन पर कुलपति का जोर
कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने आइक्यूएसी द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, समर्थ पोर्टल को सफलतापूर्वक संचालित करने वाला बिहार का अग्रणी विश्वविद्यालय है।
उन्होंने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय मुख्यालय से चारों जिलों- दरभंगा, बेगूसराय, समस्तीपुर और मधुबनी के लिए एक-एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा, जो कॉलेजों में समर्थ-कार्य के संचालन की निगरानी करेंगे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भविष्य की रूपरेखा बताते हुए कहा कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय का कार्य मुख्य रूप से परीक्षा आयोजित करने और आवश्यक निर्देश देने तक ही सीमित हो जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। कार्यक्रम के आरम्भ में कुलपति का स्वागत डॉ मो ज्या हैदर ने पुष्पगुच्छ देकर किया।
दो सत्रों में आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम
आईक्यूएसी के निदेशक डॉ मो ज्या हैदर ने अपने स्वागत संबोधन में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समर्थ प्रशिक्षण दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें सभी नोडल पदाधिकारी अपने लैपटॉप के साथ उपस्थित हुए। प्रथम सत्र में दरभंगा और बेगूसराय के नोडल पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि द्वितीय सत्र समस्तीपुर और मधुबनी के नोडल पदाधिकारियों के लिए समर्पित था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ मो ज्या हैदर के साथ एसोसिएट नोडल ऑफिसर्स- डॉ दिवाकर झा, डॉ मसरूर आलम तथा डॉ पी भंजन ने प्रशिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण के दौरान समर्थ लीव मॉड्यूल और बेसिक मॉड्यूल पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी शंकाओं का समाधान किया गया। इस पूरे कार्यक्रम में तकनीकी सहायता की जिम्मेदारी ई. गणेश पासवान तथा ई. विपुल कुमार ने सफलतापूर्वक निभाई। यह प्रशिक्षण विश्वविद्यालय के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






