भूकंप सुरक्षा: धरती के गर्भ में पल रही हलचल जब विकराल रूप लेती है, तो पलक झपकते ही सब कुछ तहस-नहस हो जाता है। ऐसी भयावह त्रासदी से बचने का एकमात्र मार्ग है, सजगता और तैयारी।
मधुबनी में ‘भूकंप सुरक्षा’ पखवाड़ा: DM आनंद शर्मा ने जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी, जिला जोन 6 में शामिल
भूकंप सुरक्षा: मधुबनी क्यों है इतना संवेदनशील?
भूकंप सुरक्षा: बिहार का मधुबनी जिला भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील जोन 6 में आता है। यह जोन उन क्षेत्रों में शामिल है जहां भूकंप की आशंका और उसका प्रभाव गंभीर हो सकता है। भूकंप एक आकस्मिक प्राकृतिक आपदा है, जो बड़े पैमाने पर इमारतों, पर्यावरण और जानमाल को क्षति पहुंचाती है। इससे निपटने के लिए भूकंप रोधी भवनों का निर्माण, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और भूकंप के दौरान की जाने वाली कार्रवाइयों का प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।
इसी महत्व को समझते हुए, जिले में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 से 28 जनवरी 2026 तक भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने पंडौल स्थित खेल मैदान से एलईडी युक्त जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष वाहन जिले के सभी अंचलों में जाएगा और वीडियो प्रदर्शनों के माध्यम से लोगों को भूकंप के झटके महसूस होने पर क्या करें और क्या न करें, इसकी विस्तृत जानकारी देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जिलाधिकारी ने भूकंप सुरक्षा पखवाड़े के दौरान विभिन्न जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और आपदा मित्र की टीमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भूकंप से सुरक्षा हेतु कई प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगी। इन कार्यक्रमों में भूकम्प के समय सुरक्षित रहने के उपायों जैसे ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ (Drop, Cover, and Hold) का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इसके अतिरिक्त, मॉकड्रिल कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, अभियंताओं, शिक्षकों, भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं, राजमिस्त्रियों और युवा स्वयंसेवकों को शामिल किया जाएगा। इन हितधारकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। शिक्षा विभाग जिले के विद्यार्थियों के बीच भूकंप सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगा।
जन-जन तक पहुंचेगी ‘आपदा नहीं होगी भारी, यदि पूरी है तैयारी’ की गूंज
आमजन को भूकंप सुरक्षा के प्रति संवेदनशील और सजग बनाने के लिए शिक्षक, जीविका दीदियां और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं भूकंप सुरक्षा संबंधी पंपलेट वितरित करेंगी। जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स और फ्लैक्स के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जिला जनसंपर्क कार्यालय सोशल मीडिया के जरिए भी भूकंप से बचाव को लेकर विस्तृत जानकारी साझा कर रहा है। जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक जैसे अभिनव तरीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि ‘आपदा नहीं होगी भारी, यदि पूरी है तैयारी’ का संदेश हर घर तक पहुंच सके। यह एक गंभीर प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

