

Mahashivratri : जैसे आस्था का समंदर किनारों को तोड़कर बह निकला हो, कुछ ऐसा ही नज़ारा रविवार को जाले प्रखंड के शिवालयों में देखने को मिला, जहां हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, मानो पूरा इलाका शिव की भक्ति में रम गया हो।
जाले प्रखंड के प्रसिद्ध मनमा स्थित मानेश्वर स्थान, जोगियारा के महादेव स्थान, पकटोला, मुरैठा और रतनपुर में मौजूद गंगेश्वरस्थान शिवालय में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की अपार भीड़ देखी गई। कई स्थानों पर तो स्थिति ऐसी हो गई कि श्रद्धालुओं की संख्या के आगे मंदिर परिसर भी छोटा पड़ गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भक्तों ने पास की शिवगंगा से पवित्र जल लेकर देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक किया और अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
Mahashivratri 2024 पर दिखा अद्भुत भक्ति का नज़ारा
इस महापर्व पर भक्ति का एक और अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत में स्थित पौराणिक महत्व के गौतमकुंड से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल लेकर गंगेश्वरस्थान शिवालय पहुंचे। इनमें से लगभग दो दर्जन श्रद्धालु ऐसे भी थे, जिन्होंने गौतमकुंड से मंदिर तक की दूरी दंड प्रणाम करते हुए पूरी की। उनकी यह अटूट आस्था देखकर हर कोई नतमस्तक हो गया।
मंदिरों में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गंगेश्वरस्थान तीर्थ क्षेत्र न्यास समिति द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। समिति के अध्यक्ष शिव नारायण ठाकुर और सचिव संजीव कुमार चौधरी के नेतृत्व में स्वयंसेवकों की टीम व्यवस्था संभालने में जुटी रही। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमतौल थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस बल भी पूरी मुस्तैदी से तैनात रहा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
दीपों की रोशनी से जगमगाया मंदिर परिसर
दिनभर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद शाम का समय और भी खास हो गया। संध्या के समय ‘दीपायन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके तहत मंदिर परिसर में 751 दीपक प्रज्वलित किए गए। इन दीपों की रोशनी से पूरा शिवालय आलोकित हो उठा और एक दिव्य छटा बिखर गई। इसके अतिरिक्त, तापस समाज के अध्यक्ष राम कुमार झा उर्फ कुबेर झा की देखरेख में विशेष रुद्राभिषेक अनुष्ठान भी संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि यह प्राचीन गंगेश्वरस्थान शिवालय तीन जिलों—दरभंगा, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी की सीमा पर स्थित होने के कारण विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद में विधिवत निबंधित भी है, हालांकि इसके बावजूद मंदिर क्षेत्र का समुचित विकास अब भी अपेक्षित है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

