Darbhanga Crime News: ठंड की काली रातें अक्सर अपराधियों के लिए ढाल बन जाती हैं, पर इस बार मिथिला में ऐसा नहीं चलेगा। पुलिस अब अंधेरे में भी अपराधियों की नींद हराम करने को तैयार है।
दरभंगा क्राइम न्यूज़: डीआईजी स्वप्ना गौतम मेश्राम ने दिए कड़े निर्देश
मिथिला प्रक्षेत्र में बढ़ती चोरी, लूटपाट और छिनतई जैसी आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने और कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिथिला प्रक्षेत्र की डीआईजी स्वप्ना गौतम मेश्राम ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने प्रक्षेत्र के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रात्रि गश्त को अत्यधिक प्रभावी बनाया जाए।
डीआईजी ने आज स्पष्ट किया कि रात्रि गश्ती में सिर्फ निचले स्तर के कर्मी ही नहीं, बल्कि वरीय पदाधिकारी भी स्वयं सड़कों पर उतरें। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और सुदूर ग्रामीण इलाकों में पुलिस सहायता नंबर 112 की मदद से गश्त को मजबूत किया जाए।
उनका साफ कहना था कि अपराध होने की स्थिति में उसका तुरंत उद्भेदन (खुलासा) होना चाहिए। बैंकों, एटीएम, प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थलों और मुख्य सड़कों पर वाहनों की सघन जांच की जाए और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस प्रभावी रात्रि गश्त के माध्यम से अपराध पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।
आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए शहर के हर हिस्से में किरायेदारों का सत्यापन भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें सिर्फ मकान ही नहीं, बल्कि लॉज, छात्रावास और सराय जैसे स्थानों पर रहने वाले लोगों की भी गहन जांच होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसका मुख्य उद्देश्य उन अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय गिरोहों पर लगाम लगाना है, जो फेरी करने के बहाने इन स्थानों पर रुककर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह कदम ऐसे अपराधियों को निष्क्रिय करने में सहायक होगा।
किरायेदारों के सत्यापन पर विशेष जोर
डीआईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करने और नियमित रूप से इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। उनका मानना है कि सक्रिय रात्रि गश्ती और जनभागीदारी से ही अपराध मुक्त समाज की स्थापना संभव है।





