

Mithila Lok Utsav: जैसे माघ की ठंड के बाद फागुन की धूप मन को मोह लेती है, वैसे ही दरभंगा एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने के लिए तैयार हो रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, श्री सलीम अख्तर की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस बहुप्रतीक्षित आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है।
Mithila Lok Utsav 2026: दो दिवसीय होगा आयोजन, कलाकार 16 फरवरी तक करें आवेदन
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मिथिला लोक उत्सव का आयोजन इस वर्ष 28 फरवरी एवं 01 मार्च 2026 को किया जाएगा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम और पोलो मैदान में आयोजित होगा, जिसमें कला, संस्कृति और खेल का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के इच्छुक कलाकार और सांस्कृतिक दल अपना आवेदन 16 फरवरी 2026 तक समाहरणालय की सामान्य शाखा में जमा कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना इस आयोजन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
अपर समाहर्ता ने बैठक में कहा, “हमारा उद्देश्य है कि इस बार का Mithila Lok Utsav स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करे और मिथिला की कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाए।”
कला, खेल और संस्कृति का होगा अद्भुत संगम
इस वर्ष के आयोजन में दर्शकों के लिए कई तरह की प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम शामिल किए गए हैं, जो मिथिला संस्कृति को बढ़ावा देंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
- नौकायन प्रतियोगिता: दरभंगा के ऐतिहासिक हराही तालाब में नौकायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
- कबड्डी प्रतियोगिता: पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कबड्डी प्रतियोगिता भी आयोजित होगी।
- मिथिला पेंटिंग: दीवार पर मिथिला पेंटिंग की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें दो आयु वर्ग होंगे – 14 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक। दोनों वर्गों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
- सर्व भाषा कवि सम्मेलन: विभिन्न भाषाओं के कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
- प्रदर्शनी स्टॉल: विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाने वाले सूचना एवं प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएँगे।
इस आयोजन का उद्देश्य मिथिला की समृद्ध लोक परंपरा और कला को संरक्षित करना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बैठक में उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, जिला खेल पदाधिकारी परिमल, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती वृषभानु चंद्रा और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री चंदन कुमार सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


