
दरभंगा देशज टाइम्स : मिथिला की शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम केंद्र, मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान, आजकल चर्चा में है। संस्थान में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी कौशल कुमार अचानक मौके पर पहुंचे। उनके इस औचक निरीक्षण ने न सिर्फ निर्माण कार्य में तेजी लाने का संकेत दिया, बल्कि अधिकारियों को गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी, जिससे हड़कंप मच गया।
दरभंगा में आज 05 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने हाल ही में मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान परिसर में बन रहे गेस्ट हाउस, चारदीवारी और बॉयज हॉस्टल सहित अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर मौजूद अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति और संभावित चुनौतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि यह संस्थान मिथिला क्षेत्र की गौरवशाली शैक्षणिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, और इसके विकास में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर: जिलाधिकारी की प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी कौशल कुमार ने विशेष रूप से बिहार राज्य शैक्षिक अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC Ltd.) के कार्यपालक अभियंता को सभी निर्माण कार्यों में सर्वोच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता अस्वीकार्य होगा।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में यह भी चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों की प्रगति की समय-समय पर गहन समीक्षा की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर कार्य में विलंब या गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि संस्थान से जुड़े सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक कार्य निर्धारित मापदंडों और तकनीकी विशिष्टताओं के अनुरूप ही समय पर पूर्ण हो।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान, कार्यपालक अभियंता, बीएसईआईडीसीएल, डीपीओ (स्थापना) दरभंगा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे, जिन्होंने जिलाधिकारी के निर्देशों को गंभीरता से सुना।


