

Benipur News: बेनीपुर की सियासत और संस्कृति के गलियारों से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, जहां क्षेत्र के भविष्य को संवारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान, स्थानीय विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से एक अहम मांग उठाई है, जिसका सीधा संबंध क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से है। उन्होंने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र के कई प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों को राजकीय सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल करने की जोरदार वकालत की है।
विधायक का मानना है कि इस कदम से इन पवित्र स्थलों का समुचित संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित हो सकेगा, जिससे यहां की मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह मांग न केवल स्थानीय आस्था का सम्मान है, बल्कि यह क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
Benipur News: इन चार प्रमुख स्थलों को कैलेंडर में शामिल करने की मांग
विधायक विनय चौधरी ने अपने प्रस्ताव में विशेष रूप से चार प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का उल्लेख किया है, जहां वर्षों से भव्य मेलों और पूजा-अर्चना का आयोजन होता आ रहा है। उन्होंने इन आयोजनों को राजकीय पहचान दिलाने की मांग की है, ताकि सरकारी स्तर पर इनका विकास हो सके। इन स्थलों में शामिल हैं:
- हैट्ट देवी दुर्गा मंदिर, नवादा: नवरात्र के अवसर पर यहां आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम को राजकीय कैलेंडर में शामिल करने की मांग की गई है।
- बाबा सिंहेश्वर भूतनाथ मंदिर, पोहद्दी: कमला नदी के तट पर स्थित इस मंदिर में महाशिवरात्रि पर लगने वाले मेले को राजकीय दर्जा देने का प्रस्ताव है।
- बाबा द्रर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर, बिरौल: नरक निवारण चतुर्दशी के अवसर पर होने वाले विशेष आयोजन को कैलेंडर में स्थान देने की मांग की गई है।
- हावीडीह जगदंबा धाम: यहां नवरात्र के दौरान आयोजित होने वाले भव्य पूजा और मेला कार्यक्रम को भी राजकीय संरक्षण देने की मांग शामिल है।
इन मांगों का मुख्य उद्देश्य इन पवित्र आध्यात्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना और इनकी देखरेख को सरकारी संरक्षण प्रदान करना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विधायक चौधरी का क्षेत्र के विकास के प्रति समर्पण
यह कोई पहली बार नहीं है जब विधायक विनय चौधरी ने क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई है। जनप्रतिनिधि चुने जाने के बाद से ही वे लगातार बेनीपुर के सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रयासरत रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे पहले, उन्होंने जनकवि बाबा नागार्जुन की पुण्यतिथि को राजकीय समारोह का दर्जा दिलाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी, जिसे क्षेत्र के मनीषियों और साहित्यकारों के सम्मान की मिसाल के तौर पर देखा जाता है।
उनकी हालिया मांग को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन आध्यात्मिक स्थल को राजकीय कैलेंडर में जगह मिलती है, तो न केवल इनकी पहचान बढ़ेगी, बल्कि सरकारी अनुदान और योजनाओं के माध्यम से इनका कायाकल्प भी संभव हो सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कदम बेनीपुर की सांस्कृतिक पहचान को और भी मजबूत करेगा।







