

Mobile Science Exhibition: जैसे ज्ञान का सूरज अब किसी एक आंगन में नहीं रुकता, बल्कि अपनी रोशनी से हर गली-कूचे को रोशन करने निकल पड़ता है, ठीक वैसे ही विज्ञान का चलता-फिरता मंदिर अब दरभंगा की सड़कों पर है। गुरुवार को दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) परिसर से इस अनूठी पहल का शुभारंभ किया गया।बिहार काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (BCST), पटना के निर्देशानुसार, 05 फरवरी 2026 को दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस सेवा की शुरुआत हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर विज्ञान बस को जिले के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
यह बस 04 फरवरी से 14 फरवरी तक दरभंगा जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में घूम-घूमकर स्कूली छात्र-छात्राओं के अंदर विज्ञान की अलख जगाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पहल का मुख्य लक्ष्य बच्चों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति गहरी रुचि पैदा करना और उनकी वैज्ञानिक सोच को पंख देना है।
क्या है Mobile Science Exhibition का उद्देश्य?
इस विज्ञान बस को एक चलते-फिरते लैब की तरह डिजाइन किया गया है। बस के अंदर विज्ञान से जुड़े विभिन्न मॉडल, प्रयोगात्मक प्रदर्शन और आधुनिक शैक्षणिक सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक रूप से विज्ञान के चमत्कारों को समझ सकें। यह पहल छात्रों में एक मजबूत वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने कहा, “इस प्रकार की भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी छात्रों में वैज्ञानिक मानसिकता विकसित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होती है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह पहल विज्ञान को पुस्तकों से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष अनुभव के रूप में समझने का एक सशक्त माध्यम है। हमें विश्वास है कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को नवाचार एवं अनुसंधान की दिशा में प्रेरित करेगा।”
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
इस पूरे कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. मो. अबुल कलाम आज़ाद द्वारा किया गया, जिनकी देखरेख में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस शुभारंभ अवसर पर महाविद्यालय के कई प्रमुख शिक्षकगण मौजूद रहे, जिनमें डॉ. दिप्ती भारती, श्री मो. अलीमुल्लाह अनवर, श्री अंकित कुमार, श्री ऋतु राज, श्री रवि रंजन, और श्री मयंक कुमार सिंह शामिल थे। इनके अलावा बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और इस पहल की सराहना की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह पहल विज्ञान शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम माना जा रहा है।

