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Darbhanga News: दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में More Crop per Drop कृषि क्रांति की नई राह, जानिए ‘कम पानी में अधिक उत्पादन’ के गुरुमंत्र

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More Crop per Drop: बिहार के दरभंगा में एक ऐसी पहल हुई है, जो खेती-किसानी की दशा और दिशा बदल सकती है। दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘जल जीवन हरियाली दिवस’ पर आयोजित एक कार्यशाला में ‘कम पानी में अधिक उत्पादन’ के मंत्र पर गहन चर्चा हुई, जिसमें किसानों और छात्रों को नई कृषि तकनीकों से रू-ब-रू कराया गया।

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मंगलवार को दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय में “जल जीवन हरियाली दिवस” कार्यक्रम के अंतर्गत “कम पानी में अधिक उत्पादन: कृषि नवाचारों से बदलता परिदृश्य” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पौधारोपण और पौधों को जल अर्पित कर पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ हुआ। समन्वयक डॉ. आई. सी. ठाकुर और डीन अकादमी डॉ. शशि भूषण ने अतिथियों का स्वागत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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More Crop per Drop: कैसे बढ़ाएं प्रति बूंद उपज?

मुख्य अतिथि सुश्री मोना ऋचा, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, दरभंगा ने छात्रों को वीडियो और प्रदर्शन के जरिए More Crop per Drop (हर बूंद से अधिक फसल) के महत्वपूर्ण सिद्धांत को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि Smart Irrigation और बेहतर योजना के माध्यम से किसान अपनी फसल का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ड्रिप सिंचाई पर सब्सिडी, किसान जागरूकता कार्यक्रम और जल संरक्षण योजनाओं जैसी सरकारी नीतियों की भी जानकारी दी।

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जल संकट और आधुनिक कृषि तकनीकों का महत्व

संस्थान के प्राचार्य डॉ. चन्दन कुमार ने छात्रों को कृषि क्षेत्र में नवाचार अपनाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नेटवर्किंग के माध्यम से आधुनिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समन्वयक डॉ. आई. सी. ठाकुर ने वर्तमान जल संकट की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक खेती पद्धतियों के कारण जल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि कम पानी में अधिक उत्पादन आज की आवश्यकता है। उन्होंने ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई और माइक्रो-सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को बिहार में बड़े स्तर पर लागू करने की आवश्यकता बताई, जो Smart Irrigation के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

डॉ. ठाकुर ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में स्टार्ट-अप के माध्यम से छात्र नौकरी खोजने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बन सकते हैं। कार्यक्रम में संस्थान के सैकड़ों छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में किसान भाइयों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अंत में डॉ. आई. सी. ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

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