



Darbhanga Solar City: दरभंगा अब सिर्फ मखाना और पान के लिए ही नहीं, बल्कि सूरज की रोशनी से जगमगाने के लिए भी जाना जाएगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत मिथिला के इस हृदय-स्थल को Darbhanga Solar City बनाने की कवायद तेज हो गई है। स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी से एक अहम मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दरभंगा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की पुरजोर वकालत की। सांसद ने श्री जोशी को मिथिला की पारंपरिक पहचान पाग एवं अंगवस्त्र से सम्मानित करते हुए एक विस्तृत आग्रह पत्र सौंपा, जिसमें दरभंगा के सौर भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी।
इस मुलाकात के बाद सांसद ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष दरभंगा की अपार संभावनाओं को रखा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शहर को भारत सरकार के सिटी एक्सेलेरेटर कार्यक्रम में शामिल करने की मांग की गई है, ताकि इस क्षेत्र को हरित ऊर्जा के मामले में एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
क्यों जरूरी है Darbhanga Solar City प्रोजेक्ट?
सांसद ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि दरभंगा शहर मिथिलांचल का एक प्रमुख शैक्षणिक, प्रशासनिक, स्वास्थ्य और व्यापारिक केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय, डीएमसीएच, निर्माणाधीन एम्स, एयरपोर्ट और रेलवे जंक्शन जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, तेजी से बढ़ते आवासीय और वाणिज्यिक भवनों के कारण यहां रूफटॉप सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठित तकनीकी मार्गदर्शन और एक समर्पित नीति के अभाव में इस क्षमता का पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि शहर को सिटी एक्सेलेरेटर कार्यक्रम से जोड़ा जाता है तो शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रूफटॉप सौर ऊर्जा को गति मिलेगी तथा बिजली पर शहर की निर्भरता कम होगी।
500 मेगावाट के सोलर पार्क की भी उठी मांग
चर्चा के दौरान सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दरभंगा संसदीय क्षेत्र में 500 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता के एक नए अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क की स्थापना का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने से मिथिला क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल विकास को एक नई गति मिलेगी और यह क्षेत्र बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘हरित भारत’ के लक्ष्यों को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगी। केंद्रीय मंत्री ने सांसद को इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






