
रजवन्नी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक युवा की अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। कमाने निकले बेटे की इस तरह वापसी, परिवार के लिए किसी आफत से कम नहीं।
मुंबई में मजदूर की मौत से रजवन्नी गांव में पसरा मातम
बिरौल: थाना क्षेत्र के रजवन्नी गांव निवासी कामेश्वर यादव का 25 वर्षीय पुत्र विशेश्वर यादव मुंबई में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत पाया गया है। पिता कामेश्वर यादव ने बताया कि उनका बेटा एक साल पहले ही परिवार का भरण-पोषण करने के लिए मुंबई गया था और वहां सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। 15 दिसंबर की रात वह ड्यूटी के लिए निकला, लेकिन ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। अगले दिन उसका शव सड़क किनारे मिला। मुंबई पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से सूचना दी और शव को पोस्ट-mortem के बाद गांव भेजा गया। शव के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परिवार को अभी तक मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। मृतक के पिता कामेश्वर यादव, पत्नी सोना देवी और मां शैल कुमारी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पूर्व पैक्स अध्यक्ष कुलदीप दास ने कहा कि वह अपने दो बेटों के भविष्य के लिए मेहनत-मजदूरी कर रहा था। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार आफत में है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मृतक के अंतिम संस्कार और मुआवजे की मांग
विशेश्वर की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना की पूरी जांच की मांग कर रहे हैं। मालूम हो कि मृतक ने अपनी पत्नी सोना कुमारी, सोनम को 2026 में सरस्वती पूजा में घर आने की बात कही थी। किसे पता था कि इससे पहले ही उसकी मौत हो जाएगी। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। बिरौल सेंट्रल स्कूल के निदेशक मनोज कुमार झा ने पीड़ित परिजनों को सरकारी मुआवजा राशि 5 लाख देने की मांग सरकार से की है।
इस दुखद घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई जैसे महानगरों में जहां लाखों लोग रोजगार की तलाश में जाते हैं, वहां उनके जीवन की सुरक्षा कितनी पुख्ता है, यह एक गंभीर प्रश्न है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
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यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है। विशेश्वर यादव जैसे कई युवा अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए घर से दूर कड़ी मेहनत करते हैं। उनकी अचानक मृत्यु परिवार के लिए असहनीय दुख लेकर आती है। प्रशासन से मांग की गई है कि इस मामले की गहन जांच हो और दोषियों को सजा मिले।






