back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 20, 2026
spot_img

Darbhanga News: Jamat ul Vida पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़, अमन-चैन की मांगी दुआ, पढ़िए देवरा बंधौली के रेयाज हुसैन सल्फी ने हदीस में विदाई जुम्मा पर क्या कहा! जानें क्या है इसका महत्व!

spot_img
- Advertisement -

Jamat ul Vida: जैसे कोई मेहमान अपनी पूरी रौनक बिखेर कर विदा लेता है, ठीक वैसे ही बरकतों और रहमतों का महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। रमजान माह के अंतिम शुक्रवार, यानी विदाई जुम्मा के अवसर पर जाले प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विशेष नमाज अदा की और देश की खुशहाली के लिए हाथ उठाए।

- Advertisement -

Jamat ul Vida पर मांगी गई अमन-चैन की दुआ

प्रखंड क्षेत्र के गांवों की मस्जिदों में शुक्रवार को नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने एक साथ कतार में खड़े होकर नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नमाज की समाप्ति के बाद, सभी ने एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी और एक-दूसरे के अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र के लिए दुआएं कीं। यह नजारा भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा था, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। माहौल पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ था और हर चेहरे पर इबादत का नूर झलक रहा था।

- Advertisement -

इस मौके पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। लोगों का मानना है कि रमजान के इस आखिरी जुम्मे पर की गई दुआएं अल्लाह जरूर कबूल करता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: Benipur को मिली खुशखबरी...अब डायलिसिस के लिए नहीं जाना होगा दरभंगा-पटना, बेनीपुर अनुमंडल अस्पताल में जल्द शुरू होगी सुविधा!

क्या है अलविदा जुम्मा का महत्व?

इस संबंध में जानकारी देते हुए देवरा बंधौली के निवासी रेयाज हुसैन सल्फी ने बताया कि हदीस में विदाई जुम्मा को विशेष रूप से मनाने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता है, लेकिन यह एक परंपरा के रूप में वर्षों से मनाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाक रमजान के महीने में सच्चे दिल से की गई इबादत ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है, खासकर माह के अंतिम दस दिनों की इबादत का विशेष सवाब (पुण्य) मिलता है।

उन्होंने आगे कहा कि रोजे का मूल उद्देश्य केवल भूखे-प्यासे रहना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि करना, अल्लाह का भय मन में रखना, अपनी पिछली गलतियों के लिए माफी मांगना और भविष्य में गुनाहों से बचने का दृढ़ संकल्प लेना है। यह महीना इंसान को अनुशासन और आत्म-नियंत्रण सिखाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Sarhul 2026: प्रकृति के अनुपम पर्व सरहुल का आध्यात्मिक महत्व और तैयारी

Sarhul 2026: वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही प्रकृति का अनुपम पर्व सरहुल,...

2026 Kia Carens Clavis: भारतीय परिवारों की नई पसंद!

Kia Carens Clavis: भारतीय सड़कों पर धूम मचाने वाली किआ कैरेन्स अब एक नए,...

युजवेंद्र चहल का बड़ा फैसला: आईपीएल 2026 से पहले शराब को कहा अलविदा, फिटनेस पर दिया जोर

Yuzvendra Chahal: भारतीय क्रिकेट में अपने कमाल की लेग-स्पिन से विरोधियों के होश उड़ाने...

Siwan Crime News: सीवान में बेखौफ लुटेरों ने CSP संचालक को मारी गोली, 5 लाख लूटे

Siwan Crime News: बिहार में कानून-व्यवस्था का सूरज क्या अस्त हो चला है? आए...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें