केवटी, दरभंगा न्यूज़: केवटी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला की संदिग्ध मौत के ठीक एक सप्ताह बाद हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है. सवाल यह है कि सात दिन तक मामला क्यों लटका रहा और क्या इस रहस्यमयी मौत के पीछे पारिवारिक कलह का स्याह सच छिपा है? इस मामले ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है, और पुलिस अब गहन छानबीन में जुट गई है.
मृतका के पिता ने दर्ज कराई FIR
केवटी थाना क्षेत्र के बरही गांव में 22 नवंबर की शाम गीता देवी नामक एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इस घटना के एक सप्ताह बाद, 29 नवंबर को मृतका के पिता राम बृक्ष दास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उनकी शिकायत के आधार पर, गीता देवी के पति तेज नारायण दास और उनके पिता योगी दास समेत सास, देवर अजय और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
विवाह और बच्चों का विवरण
राम बृक्ष दास ने अपने बयान में बताया है कि उन्होंने साल 2009 में अपनी बेटी गीता की शादी केवटी थाना क्षेत्र के बरही गांव निवासी योगी दास के पुत्र तेज नारायण दास से की थी. इस शादी से गीता के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं. शुरुआती सालों में सब सामान्य था, लेकिन कुछ वर्षों से परिवार में तनाव बढ़ने लगा था.
घरेलू कलह और दूसरी शादी का आरोप
मृतका के पिता राम बृक्ष दास ने आरोप लगाया है कि लगभग पांच साल पहले तेज नारायण दास ने गांव की ही एक मल्लाह समुदाय की लड़की से संबंध बना लिए थे. बाद में वह उस लड़की को अपने घर भी ले आया. इस बात को लेकर गीता देवी और उसके पति तथा ससुराल वालों के बीच लगातार विवाद होता रहता था. राम बृक्ष दास के अनुसार, इन विवादों के दौरान उनकी बेटी के साथ मारपीट भी की जाती थी. उन्होंने आशंका जताई है कि 22 नवंबर को हुए एक ऐसे ही विवाद के दौरान उनकी बेटी की हत्या कर दी गई.
FIR दर्ज करने में देरी पर सवाल
इस मामले में एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. मृतका के पिता राम बृक्ष दास ने आरोप लगाया है कि एफआईआर दर्ज करने में जानबूझकर देर की गई. वहीं, इस संबंध में जब थाना अध्यक्ष सदन राम से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें आवेदन विलंब से प्राप्त हुआ था. आवेदन मिलने के तुरंत बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है. हालांकि, यह भी जानकारी मिली है कि इससे पहले तेज नारायण दास के पिता योगी दास के आवेदन पर थाने में एक यूडीसी (अप्राकृतिक मृत्यु मामला) दर्ज किया गया था. पुलिस अब दोनों मामलों की जांच कर रही है और सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रही है.






