बेनीपुर न्यूज़: बेनीपुर में एक बड़ा ऐलान हुआ है, जो हजारों कर्जदारों के चेहरों पर मुस्कान ला सकता है। आने वाली 13 दिसंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो कर्ज के बोझ तले दबे हैं। आखिर इस बार क्यों खास होगी यह लोक अदालत और क्या बड़े फैसले हुए हैं, जानिए पूरी खबर।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र के निर्देशों के बाद, आगामी 13 दिसंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इसी कड़ी में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सह अनुमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह ने बेनीपुर में विभिन्न बैंक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लोक अदालत को सफल बनाना और अधिकतम ऋण संबंधी मामलों का निपटारा सुनिश्चित करना था।
बैठक के दौरान, श्री सिंह ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे ऐसे गरीब और लाचार ऋणधारकों को अधिकतम संभव छूट प्रदान करें, जिनकी आर्थिक स्थिति ऋण चुकाने लायक नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक अदालत का मूल उद्देश्य ही जरूरतमंदों को कानूनी सहायता और राहत उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपने वित्तीय दायित्वों से मुक्ति पा सकें।
गरीबों के लिए आशा की किरण: अधिकतम छूट पर जोर
अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी संगीता रानी ने भी ऋण संबंधी मामलों को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों – ऋणधारकों और बैंक अधिकारियों – के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बैंक अधिकारियों से विशेष अपील की कि वे लोक अदालत में ऋणधारकों को अधिक से अधिक छूट देने की व्यवस्था करें, जिससे गरीब तबके को वास्तव में लाभ मिल सके और लंबित मामले सुलझ सकें।
अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी सह अनुमंडल विधिक सेवा समिति के सचिव अनुराग तिवारी ने लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अभी से ही ऋणधारकों के साथ प्री-काउंसलिंग की जाए ताकि मामलों को निष्पादन के लिए तैयार किया जा सके। इसके साथ ही, संबंधित सभी नोटिस भी जल्द से जल्द जारी करने को कहा गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें।
प्रचार-प्रसार और प्री-काउंसलिंग पर बल
यह बैठक विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम के तहत आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब, लाचार और पिछड़े लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। इस अधिनियम के तहत ही समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। बैठक में विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें:
- एसबीआई से विकास कुमार
- एडीबी से गौतम कुमार
- पंजाब नेशनल बैंक से राजेश कुमार
- सेंट्रल बैंक से चंदन झा
- बैंक ऑफ इंडिया से सोनू दास
शामिल थे। इन सभी अधिकारियों ने आगामी लोक अदालत को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।








