



NDRF Mock Drill: जब आसमान से आफत बरसे और धरती का धीरज डोले, तो तैयारी ही सबसे बड़ा हथियार बनती है। इसी मंत्र को आत्मसात करते हुए दरभंगा जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) द्वारा दो दिवसीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और अन्य सहयोगी एजेंसियों के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित करना था, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ और अन्य विनाशकारी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसमें यह परखा गया कि आपदा की घड़ी में सभी विभाग किस प्रकार एक साथ मिलकर काम करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
NDRF Mock Drill में दिखी बचाव कार्यों की बेहतरीन झलक
इस दो दिवसीय अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने आपदा की स्थिति में अपनाए जाने वाले बचाव कार्यों का विस्तृत प्रदर्शन किया। टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ रेस्क्यू तकनीक, बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने, घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को करके दिखाया।

इसके अतिरिक्त, राहत सामग्री के वितरण और आपदा के समय संचार व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक आपदा के समय किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो।
इस व्यापक मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ के अधिकारियों और जवानों के साथ-साथ एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, जिला एवं प्रखंड प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी मुस्तैदी से शामिल हुए।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से न केवल हमारी आपदा प्रबंधन प्रणाली मजबूत होती है, बल्कि सभी हितधारकों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों का भी स्पष्ट रूप से पता चलता है।
अधिकारियों ने दरभंगा की तैयारियों को सराहा
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने इस अवसर पर कहा कि इस मॉक ड्रिल का मकसद लोगों में किसी भी तरह का डर फैलाना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक करना और प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों का आकलन करना है। उन्होंने दरभंगा जिला प्रशासन की तैयारियों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “मैं पांच राज्यों और बिहार-झारखंड के सभी जिलों का दौरा कर चुका हूं, लेकिन दरभंगा की तैयारी अब तक सबसे बेहतर और सराहनीय है।” यह बयान स्थानीय प्रशासन के मनोबल को बढ़ाने वाला है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
समीक्षा बैठक में दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
मॉक ड्रिल के समापन के बाद सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में अभ्यास के दौरान सामने आई छोटी-बड़ी कमियों की पहचान की गई और उन्हें भविष्य में दूर करने के लिए ठोस निर्देश दिए गए। अंचल प्रशासन ने एनडीआरएफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यासों से आपातकालीन स्थितियों में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने में बड़ी मदद मिलेगी। इस मौके पर एसडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर ज्योति कुमार झा, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रणव राज, सीओ गोपाल पासवान, थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद समेत कई मुखिया और आपदा मित्र मौजूद रहे।




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