
Jale News: जाले की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल शुरू हो गया है, जहां प्रमुख और उपप्रमुख की कुर्सी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। प्रखंड के 11 पंचायत समिति सदस्यों ने एकजुट होकर मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है, जिससे स्थानीय सियासत में भूचाल आ गया है।
Jale News: बीडीओ को सौंपा गया असंतोष का पत्र
जानकारी के अनुसार, जाले प्रखंड क्षेत्र के कुल 11 पंचायत समिति सदस्यों ने वर्तमान प्रमुख और उपप्रमुख की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। इन सदस्यों ने एकजुट होकर कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार से मुलाकात की और उन्हें एक आवेदन सौंपा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आवेदन में सदस्यों ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें मौजूदा प्रमुख और उपप्रमुख पर विश्वास नहीं रह गया है, इसलिए एक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए तत्काल एक विशेष बैठक बुलाई जाए।
इस đột phá कदम ने प्रखंड की राजनीति में खलबली मचा दी है। यह Jale News प्रकरण इस बात का संकेत है कि पर्दे के पीछे लंबे समय से असंतोष की आग सुलग रही थी, जो अब खुलकर सामने आ गई है। अब गेंद पूरी तरह से प्रशासनिक अधिकारियों के पाले में है कि वे कब विशेष बैठक की तारीख तय करते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
क्या है पूरा मामला और कौन हैं नाराज सदस्य?
आवेदन देने वाले सदस्यों में ललन पासवान, संजय कुमार मिश्रा, अनिल भंडारी, और विवेकानंद झा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इनके अलावा कई महिला पंचायत समिति सदस्य भी इस मुहिम का हिस्सा बनी हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि नाराजगी का दायरा काफी बड़ा है। सदस्यों ने अपने अविश्वास प्रस्ताव के आवेदन में प्रमुख और उपप्रमुख पर विकास कार्यों की अनदेखी और मनमानी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक प्रमुख या उपप्रमुख की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या मौजूदा प्रमुख और उपप्रमुख अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या जाले प्रखंड को नया नेतृत्व मिलता है। यह सब कुछ आने वाली विशेष बैठक में होने वाले मतदान पर निर्भर करेगा, जिस पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।




