back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 25, 2026
spot_img

दरभंगा के बिरौल में सदियों से मंदिर घाट पर छठ करने वाला मारवाड़ी समाज का संकल्प…अब कभी नहीं करेंगे छठ घाट पर आतिशबाजी

spot_img
- Advertisement - Advertisement

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। चार दिनों से चल रहे लोक आस्था का महापर्व लगातार 36 घंटे का महान कठोर व्रत एवं उदायमान भगवान भास्कर को अर्घ्य, पुष्प अर्पित करने के साथ ही सोमवार को संपन्न हो गया।

- Advertisement -

इस दौरान अनुमंडल के सभी छह प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली कमला, कोसी, जीबछ,करैह नदी के अलावा गांवों मे दर्जनों तालाबों के घाटों को दुल्हन की तरह सजाया गया था साथ ही छठी मैया के गीत से पुरा क्षेत्र भक्तिमय हो चुका था। व्रतियों को घाट पर किसी तरह की समस्या न हो उसके लिए पूजा कमेटी की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी।दरभंगा के बिरौल में सदियों से मंदिर घाट पर छठ करने वाला मारवाड़ी समाज का संकल्प...अब कभी नहीं करेंगे छठ घाट पर आतिशबाजी

- Advertisement -

बिरौल प्रखंड के नगर पंंचायत के मंदिर घाट, लीची बगान,वनदेवी नगर,बलिया,बिरौल चौक, रामनगर दुर्गा स्थान,उछटी,बेंक,डुमरी,पोखराम, पड़री, सहसराम, सहरी, कहुआ,रजबा,करकौली सलेश स्थान, हाटगाछी,जिरात,चुन्नी मुन्नी पोखर, कुशेश्वरस्थान के मझियाम, कटबाड़ा, हरिनगर, बेरी,हरौली, बड़गांव सहित सभी बड़े छोटे गांव में छठ व्रतियों ने उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga Road Accident: वाहन ने टेम्पो चालक को रौंदा, मौत, परीक्षा दे रहे बेटे के सिर से उठ गया पिता का साया

दरभंगा के बिरौल में सदियों से मंदिर घाट पर छठ करने वाला मारवाड़ी समाज का संकल्प...अब कभी नहीं करेंगे छठ घाट पर आतिशबाजी दूसरी ओर, मारबाड़ी सामाज के राजकुमार अग्रवाल, विनोद गोयल, अरूण टेकड़ीवाल, कन्हैया प्रसाद, डॉ.संदीप छपड़िया ने बताया कि सदियों से मंदिर घाट में इनके समाज की ओर से प्रति वर्ष छठ पर्व मनाया जाता है।

नदी के पानी में अत्यधिक गंदगी रहने से व्रतियों को काफी परेशानी हुई है। हांलाकि नगर प्रशासन की ओर से घाट की साफ सफाई की गई थी। वायुमंडल में प्रदूषण वृद्धि व मानव क्षति का ख्याल रखते हुए मारवाड़ी समाज के लोग अब छठ घाट पर आतिशबाजी नहीं करने का संकल्प लिया।
वहीं, बिरौल चौक हनुमंत मंदिर स्थित तालाब में पंडित कौशल झा ने आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीदमम् भास्कर। दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते। ॐ सूर्य आत्मा जगतस्तस्युषश्च आदित्यस्य नमस्कारं ये कुर्वन्ति दिने दिने। मंत्र पढ़कर भगवान भास्कर एवं छठी मैया से सभी के लिए सम्पूर्ण मनोकामनाएं पूर्ण करने की कामना किये।
- Advertisement -

जरूर पढ़ें

नरसिंह द्वादशी 2026: तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त

Narasimha Dwadashi 2026: भगवान नरसिंह को समर्पित नरसिंह द्वादशी का पावन पर्व सनातन धर्म...

टी20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान को बाहर करने वाले Harry Brook का कमाल!

Harry Brook: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हुए एक रोमांचक मुकाबले ने पाकिस्तान को...

सनरूफ कारें: अब हर बजट में उपलब्ध, प्रीमियम एक्सपीरियंस का नया दौर!

Sunroof Cars: अब सस्ती कारों में भी प्रीमियम सनरूफ का मज़ा, जानें आपके लिए...

आज के शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये स्टॉक्स: बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों के लिए अहम अपडेट्स

Stock Market: 24 फरवरी मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें