

दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। कभी कभी फरमान परेशानी का आलम भी बनता है। कभी वह साकारात्मकता भी ग्रहण करता है। अब बिहार के एक जिले में शिक्षा विभाग के आदेश से स्कूलों के हेडमास्टरों को सौ किमी दूर से एक स्कूल में पहुंचकर हाजिरी लगानी पड़ रही है। यह तब तक लगानी पड़ेगी जब तक स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 75 फीसद ना पूरा हो जाए। अब ये हेडमास्टर नौ से पांच स्कूल में डयूटी (Nomination of 384 students of Darbhanga CM Science College canceled) बजाते हैं फिर वहां से भागे भागे आते हैं, फिर देर रात घर लौट रहे हैं।
ऐसा,बिहार के शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक के आदेश से हो रहा है। फिलहाल ताजा मामला दरभंगा लनामिवि का है जहां विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश का अक्षरशः पालन करते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रीमियर कॉलेज में शुमार सीएम सांइस कालेज प्रशासन तीन दिन लगातार अनुपस्थित रहने वाले 384 छात्र छात्राओं का नामांकन रद्द कर दिया है। पढ़िए रितेश कुमार सिन्हा की यह रिपोर्ट….
कुछ छात्रों ने बताया कि दो दिन भी अनुपस्थित रहने पर भी नाम काट दिया जाता है। नाम कटने से नाराज एक छात्र ने बताया कि एक तो नाम काट दिया गया है ऊपर से प्रिंसिपल के आदेश पर 500 रुपये के जुर्माना देने पर फिर से छात्रों का एडमिशन कर लिया जाता है लेकिन जुर्माने के रूप में लिए गए 500 रुपये की कोई रशिद नही दी जा रही है।
सीएम साइंस कॉलेज में पढ़ने वाली बॉटनी विभाग के छात्रा के परिजन ने बताया कि मेरी पुत्री दो दिन कालेज से अनुपस्थित रहने के कारण नामांकन रद्द कर दिया गया है। उसके री एडमिशन के लिए 500 रुपये की मांग कालेज की तरफ से की गई है लेकिन 500 रुपये की रशीद बच्चों को कालेज की तरफ से नहीं दिया जा रहा है।
इस सम्बंध में इस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दिलीप कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय का निर्देश है कि जो बच्चें तीन दिन कालेज में अनुपस्थित रहते है उनका नामंकन रद्द कर दिया जाय।
इस निर्देश के आलोक में छात्र छात्राओं का नामंकन रद्द किया गया। हालांकि पहले सभी छात्र छात्राओं को हिदायत दी गई थी लेकिन आदेश की अनसुनी करने पर कार्यवायी की गई है। लेकिन कालेज में कुछ जुर्माने की राशि को लेकर ऐसे छात्र छात्राओं का री एडमिशन कर लिया जा रहा है।

