back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 22, 2026
spot_img

मानवाधिकार दिवस पर बेनीपुर कोर्ट में गूंजी समानता की बात: ‘जाति-धर्म के आधार पर किसी को अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता’

spot_img
- Advertisement - Advertisement

बेनीपुर न्यूज़: मानवाधिकार दिवस के मौके पर बेनीपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में एक ऐसी बात गूंजी, जिसने समाज में समानता और सम्मान की नई अलख जगा दी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी जाति, धर्म या लिंग के कारण अपने अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। आखिर क्या था यह पूरा मामला और न्यायाधीश महोदय ने और क्या महत्वपूर्ण बातें कहीं, जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर।

- Advertisement -

गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सबका

मानवाधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र ने अपने उद्बोधन में मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। समाज में किसी भी आधार पर – चाहे वह जाति हो, धर्म हो या लिंग – किसी को भी उसके मौलिक अधिकारों से वंचित करना अस्वीकार्य है। यह हर नागरिक का जन्मसिद्ध अधिकार है कि उसे बिना किसी भेदभाव के सभी सुविधाएं और अवसर मिलें।

- Advertisement -

न्याय के पथ पर भेदभाव से परे

न्यायालय कर्मियों और अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए जिला जज श्री मिश्र ने सार्वजनिक सेवा की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम सभी एक ऐसे क्षेत्र में कार्यरत हैं, जहाँ समाज के हर वर्ग के लोग न्याय की उम्मीद लेकर आते हैं। हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि हम बिना किसी पूर्वाग्रह या भेदभाव के उनकी उम्मीदों पर खरे उतरें। न्यायाधीश महोदय ने इस बात पर विशेष बल दिया कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि होनी चाहिए ताकि आम जनता का विश्वास बना रहे।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: देवघर में मोबाइल गुम, दरभंगा में खाता साफ! Cyber Fraud का ऐसा खेल कि आप भी हो जाएंगे हैरान... पढ़िए एक छोटी सी चूक

सम्मान दीजिए, सम्मान पाइए

श्री मिश्र ने परस्पर सम्मान की भावना को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हम स्वयं के लिए जितना सम्मान दूसरों से चाहते हैं, उतना ही सम्मान हमें दूसरों को भी देना चाहिए। यह सिद्धांत न केवल व्यक्तिगत संबंधों पर लागू होता है, बल्कि एक सभ्य और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि प्यार, स्नेह और सम्मान के साथ खुद भी शांति से जिएं और दूसरों को भी शांतिपूर्वक जीवन जीने का वातावरण प्रदान करें।

कार्यक्रम में उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनमें अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) ऋषि गुप्ता, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजेएम) अनुराग तिवारी, मुंसिफ रोहित कुमार गुप्ता प्रमुख थे। इनके अतिरिक्त, अधिवक्तागण सुशील कुमार चौधरी, नवीन कुमार ठाकुर, विनोद कुमार मिश्र, कृष्ण कुमार मिश्र, गुनानंद झा, संजीत कुमार देव सहित न्यायालय के कर्मी चांद बाबू, शंकर, राजेश कुमार, निरंजन वर्मा और कुमार गौरव भी इस जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बने। सभी ने न्यायाधीश महोदय के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और मानवाधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

अब पाएं अपना मनपसंद VIP Mobile Number: जियो, एयरटेल और वीआई का पूरा गाइड

VIP Mobile Number: अपने मोबाइल नंबर को अपनी पहचान बनाना चाहते हैं? अब VIP...

Jehangir Ali Khan का पाँचवाँ जन्मदिन: नारुतो-थीम पार्टी में दिखा शाही परिवार का जलवा!

Jehangir Ali Khan News: पटौदी खानदान के सबसे छोटे नवाब, तैमूर के छोटे भाई...

सोशल मीडिया से दूर हुईं Gautami Kapoor, आखिर क्यों उठाया ये बड़ा कदम?

Gautami Kapoor News: टेलीविजन और फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी से लाखों दिलों पर...

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: बड़ी टेक कंपनियों का नया निवेश मंत्र

Artificial Intelligence: बड़ी टेक कंपनियों के निवेश पैटर्न में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें