

इस संस्थान की स्थापना के दौरान इससे इंपीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के नाम से जाना जाता था। यह संस्थान भारत में बागवानी, मात्स्यिकी और पशु विज्ञान सहित कृषि के क्षेत्र में समन्वयन, मार्गदर्शन और अनुसंधान प्रबंधन व शिक्षा का सर्वोच्च इकाई है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने देश में हरित क्रांति लाने और उसके बाद कृषि में निरंतर विकास में अपने अनुसंधान व प्रौद्योगिकी विकास में जबरदस्त भूमिका निभाई है। कृषि में नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष से 16 जुलाई को ‘स्थापना एवं प्रौद्योगिकी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
सत्र के दौरान मत्स्य वैज्ञानिक डॉ. जगपाल ने प्रौद्योगिकी दिवस को सकारात्मक दिशा दिखाते हुए आए हुए सभी कृषकों को देसी मांगुर की प्रजनन तकनीक एवं अन्य विषयों पर चर्चा कीया। वहीं, दूसरी ओर मखाना एफपीओ में निबंधन से जुड़ी प्रमुख जानकारियां सुधाकर ने किसानों को बताया।




