

Patori News: कुछ रचनाएं सिर्फ शब्द नहीं होतीं, वे आत्मा का आईना होती हैं, जो श्रोताओं के हृदय में सीधे उतर जाती हैं। ऐसा ही एक मार्मिक अनुभव हाल ही में पटोरी की साहित्यिक धरा पर घटित हुआ, जब कवि सौम्य कुमार विभु के नवीनतम काव्य संग्रह ‘स्वधा’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया।
पटोरी में ‘स्वधा’ का भव्य लोकार्पण: Patori News से गूंजी साहित्य की स्वर लहरियां
शनिवार को पटोरी साहित्यिक मंच के तत्वावधान में पटोरी गांव स्थित माँ हंसवाहिनी पूजा स्थल के पावन परिसर में यह साहित्यिक आयोजन संपन्न हुआ। वरिष्ठ शिक्षाविद प्रोफेसर बीरेंद्र प्रसाद चौधरी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसने स्थानीय साहित्य प्रेमियों और गणमान्य व्यक्तियों को एक छत के नीचे ला खड़ा किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज और साहित्य के प्रति उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों के सम्मान के साथ हुआ। इस अवसर पर मुखिया माधुरी कुमारी, पैक्स अध्यक्षा गुंजन कुमारी, पूर्व मुखिया रामएकबाल चौधरी, राधामोहन चौधरी, अवकाश प्राप्त शिक्षाविद हरिवंश चौधरी, श्यामचंद्र चौधरी, जयशंकर प्रसाद चौधरी, रामस्नेही चौधरी तथा उदय शंकर चौधरी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन सभी प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को समर्पित था, जिन्होंने अपने कार्यों से क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
साहित्यिक मंच पर ‘स्वधा’ की गूंज: Patori News के लिए गौरव का पल
काव्य-पाठ के सत्र में कवि उदय शंकर चौधरी और स्वयं कवि सौम्य कुमार विभु ने अपनी रसमयी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी कविताओं ने जीवन की जटिलताओं, सामाजिक यथार्थ और आत्मबोध के विभिन्न आयामों को छुआ, जिससे श्रोतागण संवेदना और विचार के गहरे धरातल पर पहुंच गए। यहां आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह क्षण वास्तव में साहित्यिक सौंदर्य और बौद्धिक चिंतन का अद्भुत संगम था।
गणमान्य हस्तियों का सम्मान और काव्य-पाठ का अद्भुत संगम
काव्य पाठ के बाद, बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘स्वधा’ का विधिवत लोकार्पण किया गया। पुस्तक चर्चा सत्र में उपस्थित वक्ताओं ने इस काव्य संग्रह को समकालीन हिंदी कविता की एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील कृति करार दिया। उनका मत था कि यह काव्य संग्रह पाठकों को भीतर तक झकझोरने और उन्हें आत्ममंथन के लिए प्रेरित करने की अद्भुत क्षमता रखता है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन उमेश प्रसाद चौधरी ने किया, जिन्होंने अपनी वाक्पटुता से पूरे समारोह में एक जीवंतता बनाए रखी। उनके सटीक संचालन ने कार्यक्रम को निर्बाध गति दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
‘स्वधा’ – समकालीन कविता की एक सशक्त पहचान
अंत में, उमेश प्रसाद चौधरी के आग्रह पर अध्यक्ष प्रो. बीरेंद्र प्रसाद चौधरी ने उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया और सभा के सफल समापन की घोषणा की। यह आयोजन पटोरी के साहित्यिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने नए रचनाकारों को प्रेरणा दी और साहित्य प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय शाम का निर्माण किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


