बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। तेज बारिश के साथ हुए अत्यधिक वज्रपात से क्षेत्र में बिजली सेवा चरमरा गई है। हालात यह है कि बिरौल में लालटेन युग लौट आया है। दो दिनों से बिजली नहीं, अंधेरे में दीप जलाए बैठे हैं इस बारिश में लोग। ऊपर से छोटे-बड़े जानवरों का खतरा। क्या करें लोग, किससे कहें, कौन सुनेगा। पढ़िए पूरी खबर
अधिकांश जगहों पर ग्यारह हजार के मेन लाइन का फीडर लोड देने पर उड़ जाने से यह समस्या उत्पन्न हो रही है। इस समस्या से प्रखंड मुख्यालय से सटे उछटी गांव के सैकड़ों उपभोक्ताओं को दो दिनों से बिजली नहीं मिल रही है। शाम होते ही गांव में लोग दीप जलाकर अपने घरों मे रोशनी प्रदान करते हैं।
लोगों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह उत्पन्न हो रहा है कि बिजली चले जाने के बाद लोग केरोसिन तेल के सहारे रोशनी की व्यवस्था कर लेते थे लेकिन वर्तमान समय में सरकार की ओर से केरोसिन तेल की व्यवस्था मे कटौती कर दिये जाने से लोग मजबूरी बस 175 रुपये का सरसों तेल से दीप जलाकर घर का काम निपटा रहे हैं।

उछटी गांव के सुनील झा,अशोक झा,मदन साह,देव यादव,देवाशिष कुमार सहित दर्जनों उपभोक्ताओं ने बताया कि गांव में दो दिनों से बिजली नहीं उपलब्ध रहने की जानकारी विभाग को दी जा रही है लेकिन इस पर किसी तरह का अमल नहीं किया जा रहा है। इससे ग्रामीण विभाग के प्रति आक्रोशित है।
बिरौल पावर सव स्टेशन के जेई सौरभ कुमार ने बताया
कि बारिश के दौरान अधिक बज्रपात होने से कई जगहों पर जमफर ग्यारह हजार का लोड नहीं ले पा रहा है। इसकी मरम्मत कार्य चल रहा है। बिजली सेवा देर रात तक सामान्य हो जाने की संभावना है।

















