

POCSO Case Bihar: न्याय की चौखट पर उम्मीदें जब टूटती हैं, तब कानून का शिकंजा और कसता है। बिहार के एक चर्चित कथावाचक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
POCSO Case Bihar: कथावाचक श्रवण दास को झटका, जमानत याचिका खारिज, अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे!
POCSO Case Bihar: श्रवण दास को कोर्ट से नहीं मिली राहत
दरभंगा। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में 17 जनवरी से दरभंगा जेल में बंद कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। पाक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने गुरुवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय में कथावाचक की जमानत याचिका पर करीब एक घंटे तक विस्तृत सुनवाई हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता जावेद अहमद खान ने अदालत में तर्क दिया कि श्रवण दास निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी बचपन से ही धार्मिक कार्यों में संलग्न रहे हैं और आर्थिक दोहन के उद्देश्य से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त, घटना के लगभग एक वर्ष सात माह बाद प्राथमिकी दर्ज होने पर भी सवाल उठाया गया। बचाव पक्ष ने पीड़िता की जन्मतिथि में कथित अंतर और मेडिकल जांच में बालिग बताए जाने की बात भी अदालत के समक्ष रखी।
मामले की गंभीरता और न्यायिक दृष्टिकोण
वहीं, वादी पक्ष के अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी ने अदालत में आरोपी के राजनीतिक संपर्क से जुड़े कई फोटोग्राफ प्रस्तुत करते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी समाज में अपनी छवि का दुरुपयोग कर सकता है। इसके अलावा, स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने राम रहीम और आसाराम बापू प्रकरण का हवाला देते हुए आरोपी को जमानत नहीं देने की मांग की। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें कड़ी कार्रवाई जरूरी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने श्रवण दास की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और वर्तमान परिस्थिति में जमानत देना उचित नहीं होगा। इस फैसले से कथावाचक की जमानत की उम्मीदें फिलहाल धूमिल हो गई हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
गौरतलब है कि महिला थाना कांड संख्या 182/25 में बिरौल थाना क्षेत्र के पड़री निवासी कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर और उनके गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा को नामजद आरोपी बनाया गया है। पीड़िता की मां ने श्रवण दास पर नाबालिग बेटी से दुष्कर्म और गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगाया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी मामले में पुलिस ने श्रवण दास को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, सह आरोपी राम उदित दास अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद अब श्रवण दास को जमानत के लिए पटना उच्च न्यायालय का रुख करना होगा।

