
Ram Navami procession: जिस सौहार्द की गंगा बहाने के लिए प्रशासन और आयोजक साथ चले, उसी गंगा में कार्रवाई का कंकड़ फेंक दिया गया।
Ram Navami Procession पर पुलिस का एक्शन: शांतिपूर्ण जुलूस के बाद DJ जब्त, आयोजकों पर FIR से भड़के लोग
सिंहवाड़ा में एक Ram Navami procession के शांतिपूर्ण समापन के बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई अब तूल पकड़ती जा रही है। भरवाड़ा नगर पंचायत में 27 मार्च को श्री राम जानकी मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी। इस जुलूस में जिला से आए सीआई कुमार गौरव, बीडीओ विक्रम भास्कर, थानाध्यक्ष बसंत कुमार समेत कई आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में निकला। नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सुनील कुमार भारती, उपमुख्य पार्षद अवधेश साह और शांति समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर प्रसाद भी राम भक्तों के साथ चल रहे थे। जब जुलूस राजा चौक पर पहुंचा, तो वहां इंतजार कर रहे मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने भी फूलों से भव्य स्वागत किया, जो इलाके में गंगा-जमुनी तहजीब की एक मिसाल बना। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जुलूस शांति के साथ शुरू हुआ और वापस मंदिर परिसर में आकर संपन्न हो गया।
Ram Navami Procession में सौहार्द के बाद पुलिस का एक्शन
कहानी में मोड़ तब आया जब जुलूस के संपन्न होते ही सिंहवाड़ा थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डीजे साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आयोजक भरवाड़ा निवासी पिंटू कुमार और पंजाब साउंड सिस्टम के संचालक के खिलाफ सिंहवाड़ा थाने में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कर दी। दर्ज FIR में सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने और तेज व कर्कश आवाज में संगीत बजाने का आरोप लगाया गया है। इस अप्रत्याशित पुलिस कार्रवाई ने सभी को हैरान कर दिया है।
इस मामले पर थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने बताया कि सरकारी दिशानिर्देशों का पालन न करने पर यह कार्रवाई की गई है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि अगर आवाज तेज थी तो जुलूस के दौरान ही आपत्ति क्यों नहीं जताई गई? देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है निंदा?
जैसे ही घटना की जानकारी फैली, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि जब जुलूस में प्रशासन के बड़े अधिकारी, शांति समिति के सदस्य और जनप्रतिनिधि खुद मौजूद थे और किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई, तो जुलूस खत्म होने के बाद यह कार्रवाई क्यों की गई? कई लोगों ने इसे सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश बताया है।
सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अगर डीजे की आवाज नियमों का उल्लंघन कर रही थी, तो पुलिस को जुलूस के दौरान ही उसे बंद करवाना चाहिए था। शांतिपूर्ण कार्यक्रम के समापन के बाद आयोजकों पर FIR करना समझ से परे है। यह पूरी पुलिस कार्रवाई अब जांच के घेरे में आ गई है और लोग इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फिलहाल, क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।




