
Health News: जाले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नजारा सोमवार को किसी उत्सव से कम नहीं था, जहां सरकारी योजनाओं की रोशनी सीधे आम लोगों के जीवन को रोशन कर रही थी। प्रधानमंत्री मातृत्व शिशु सुरक्षा अभियान के तहत आयोजित इस विशेष शिविर ने स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर साकार कर दिखाया।
सोमवार को जाले स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं का मेला लगा रहा। प्रधानमंत्री मातृत्व शिशु सुरक्षा अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए एक विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, दिनभर में कुल 352 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें 108 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं, जिनकी विशेष एएनसी जांच की गई।
इस महत्वपूर्ण अभियान में गर्भवती महिलाओं की जांच की जिम्मेदारी ब्रह्मपुर एपीएचसी में पदस्थापित महिला आयुष चिकित्सक डॉ. सुल्ताना परवीन ने संभाली। उन्होंने ओपीडी कक्ष में एक-एक कर सभी महिलाओं की गहनता से जांच की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, अन्य सामान्य बीमारियों से ग्रस्त 244 मरीजों का इलाज एमओआईसी डॉ. विवेकानंद झा, डॉ. किशोर कुमार और डॉ. मोहम्मद इरशाद ने अलग-अलग ओपीडी कक्षों में किया। अस्पताल के निबंधन काउंटर से लेकर ओपीडी तक मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली, जो इस अभियान की सफलता को दर्शा रही थी।
Health News: इन सभी महत्वपूर्ण जांचों की मिली सुविधा
शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। इस व्यापक गर्भवती महिलाओं की जांच प्रक्रिया में लैब टेक्नीशियन शशि कुमार, मुन्ना कुमार और मोहम्मद अनवर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिविर में शामिल जांचों की सूची इस प्रकार है:
- ब्लड प्रेशर (रक्तचाप)
- वजन
- हीमोग्लोबिन
- एचआईवी
- एचबीएसएजी (हेपेटाइटिस बी)
- ब्लड शुगर (मधुमेह)
- रूटीन यूरिन जांच
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने सहयोग दिया। मौके पर सीएचओ अणिमा, जीएनएम शोभा कुमारी, एएनएम सोनाली कुमारी, अंजना कुमारी, आशा फैसिलिटेटर अंजु देवी, आशा कार्यकर्ता आशा देवी और एएनएम स्कूल की छात्राएं भी सक्रिय रूप से मौजूद रहीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
गर्भवती महिलाओं को मिला पौष्टिक आहार
जांच और परामर्श के अलावा, सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार गर्भवती महिलाओं के पोषण का भी पूरा ध्यान रखा गया। सभी 108 गर्भवती महिलाओं को जांच के उपरांत नाश्ते के रूप में पौष्टिक लस्सी, बिस्कुट और नमकीन उपलब्ध कराया गया ताकि उनके शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहे। यह शिविर न केवल स्वास्थ्य जांच का केंद्र बना, बल्कि इसने यह भी सुनिश्चित किया कि सरकारी योजना का लाभ हर जरूरतमंद तक पूरी पारदर्शिता और सम्मान के साथ पहुंचे।


