

कुशेश्वरस्थान पूर्वी, देशज टाइम्स वरीय संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के सुघराइन पंचायत के जिरौना में जनप्रतिनिधियों का अजीबो-गरीब हरकत सामने आ रहा है। एक जनप्रतिनिधि दूसरे जनप्रतिनिधि की योजना हड़पने की होड़ में लगे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार जिरौना वार्ड संख्या एक में पूर्व के वार्ड सदस्य श्रवण साह की ओर से एक योजना पर लगभग चार लाख रुपए की राशि निकासी कर ली गई। पूर्व वार्ड सदस्य के पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद भी आज तक पीसीसी योजना को पूर्ण नही किया गया और ना ही नव निर्वाचित वार्ड सदस्य को प्रभार दे रहा है।
प्रखंड मुख्यालय से बार-बार नोटिस
मिलने के बाद भी प्रभार नहीं दिया जा रहा है। इसी का फायदा उठाकर सुघराइन के पंचायत समिति सदस्य उमेश कुमार मतवाला उसी अधूरे पड़े योजना पर समिति मद के 15वीं वित्त आयोग से नाले निर्माण का जीपीडीपी तैयार करा लिया। इसको लेकर नव निर्वाचित वार्ड सदस्य मिथुन कुमार यादव ने बीडीओ से लिखित शिकायत की है।
कि जब पूर्व में उस योजना पर पीसीसी के लिए राशि की निकासी की गई है कार्य अधूरा है और उस राशि का कहीं अता पता नही है तो समिति की ओर से नाले का निर्माण की स्वीकृति कैसे कर दी गई है। इस सड़क की चौड़ाई सिर्फ चार फीट है और लगभग दो से तीन फीट में नाले का निर्माण समिति मद से किया जाएगा तो पूर्व के वार्ड सदस्य के द्वारा जो चार फीट चौड़ाई का एस्टीमेट बना राशि निकाला गया है उसका क्या होगा।
कि इस योजना में राशि के विरुद्ध कार्य प्रारंभ किया गया था। लेकिन ग्रामीणों ने नाला बनाने की बात कह कार्य पर रोक लगा दिया। इस योजना पर लगभग दो लाख से अधिक राशि का कार्य किया जा चुका है। योजना स्थल पर दो ट्रैक्टर गिट्टी एवं बालू भी रखा हुआ है। जबकि कई बोरा सीमेंट खराब हो चुका है।
कि दोनों योजना अलग-अलग है। मुख्यमंत्री गली-नली योजना से पीसीसी करना था और अभी समिति मद से नाली का निर्माण किया जाएगा। अगर वार्ड सदस्य की ओर से राशि की निकासी कर कार्य नही किया गया तो उस वार्ड सदस्य पर विभागीय कार्यवाई की जाएगी।
कि पूर्व वार्ड सदस्य की ओर से एस्टीमेट बनाया गया चार फीट का और समिति दो से तीन फीट में नाले का निर्माण करेंगे तो क्या वार्ड सदस्य एस्टीमेट के विरुद्ध दो या एक फ़ीट में पीसीसी करेंगे ये कहां तक उचित है।


