

Health Camp: बीमारियों की आहट अक्सर दबे पांव आती है, लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग खुद आपके दरवाजे पर दस्तक दे, तो समझिए सेहत की फिक्र अब दोहरी हो गई है। दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड अंतर्गत रैयाम गांव में शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब प्रवासी मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस शिविर में कुल 222 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई।
रैयाम में Health Camp: 222 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीणों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। अक्सर काम की भागदौड़ में अपनी सेहत को नजरअंदाज करने वाले लोगों के लिए यह शिविर एक बड़ा सहारा बना। शिविर में डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ टीम मौजूद थी, जिसने हर व्यक्ति की बारीकी से जांच की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान लोगों को विभिन्न गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक भी किया गया।
इन गंभीर बीमारियों की हुई मुफ्त जांच
शिविर में आने वाले लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण जांचों की सुविधा पूरी तरह मुफ्त थी। इसमें शुगर (मधुमेह), ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), एचआईवी, टीबी और हेपेटाइटिस बी जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग शामिल थी। इसके अलावा, अन्य जरूरी वाइटल पैरामीटर की भी जांच की गई। इस तरह की व्यापक स्वास्थ्य जांच का मकसद बीमारियों को शुरुआती चरण में ही पकड़ना है, ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
आठ लोग मिले हाई-रिस्क, मुख्यालय रेफर
जांच के दौरान कुल आठ व्यक्तियों को उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) श्रेणी में पाया गया। इन मरीजों में कुछ गंभीर बीमारियों के लक्षण पाए गए, जिन्हें तत्काल परामर्श और प्राथमिक उपचार दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इन सभी आठ लोगों को बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए जिला मुख्यालय रेफर कर दिया गया है। शिविर में परामर्शदाता राजनारायण मिश्र, प्रयोगशाला प्राविधिक पुरुषोत्तम कुमार, एएनएम रीता कुमारी व चंद्रप्रभा और आशा फैसिलिटेटर रेनू चौधरी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।



