
राजकीय रामनवमी मेला अहल्यास्थान: मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों का उत्सव
बिहार के कमतौल स्थित अहल्यास्थान में आयोजित राजकीय रामनवमी मेला का दीप प्रज्ज्वलित कर भव्य उद्घाटन किया गया। यह उत्सव मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन के अनुपम आदर्शों को समर्पित है, जो निस्वार्थ सेवा, क्षमा और नैतिक साहस की ऐसी मिसाल पेश करते हैं, जो युगों-युगों तक मानव जाति को प्रेरित करती रहेंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
श्रीराम: एक आदर्श जीवन का प्रतीक
मुख्य अतिथि, विधायक जीवेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीराम भारतीय संस्कृति में ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ के रूप में पूजनीय हैं। वे धर्म, त्याग, करुणा और आदर्श आचरण के प्रतीक हैं। उन्होंने एक आदर्श राजा, पुत्र, पति और भाई के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन किया, जिन्होंने सत्य और कर्तव्य के लिए राज्य और सुख का परित्याग कर दिया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य, प्रेम और विनम्रता कैसे बनाए रखी जाए।
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राजकीय दर्जे की वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त
विधायक जीवेश कुमार ने यह भी बताया कि वर्ष 2018 में राजकीय मेला घोषित होने के बावजूद कुछ कारणों से इसका विधिवत राजकीय दर्जा प्राप्त नहीं हो सका था। परंतु, इस वर्ष से अहल्यास्थान रामनवमी मेला को पूर्ण राजकीय दर्जा मिल गया है, और अब यह हर साल राजकीय स्तर पर मनाया जाएगा।
अहल्यास्थान की पावन धरती से नारी सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि, दरभंगा ग्रामीण के विधायक राजेश मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने कहा कि अहल्यास्थान वह पावन धरती है, जहाँ से प्रभु श्रीराम ने नारी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण संदेश दिया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्रीराम केवल भगवान ही नहीं, बल्कि एक आदर्श मनुष्य के रूप में भी पूजे जाते हैं, जिन्होंने प्रत्येक रिश्ते के प्रति अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन किया। उन्होंने केवट, शबरी और निषादराज जैसे समाज के वंचित वर्गों को गले लगाकर प्रेम और समानता का अद्भुत संदेश दिया।
विधायक राजेश मंडल ने आगे कहा कि श्रीराम एक महान योद्धा थे, जिन्होंने अहंकारी रावण का अंत किया, परन्तु साथ ही वे अत्यंत शांत और सौम्य स्वभाव के भी थे। वे शक्ति का प्रयोग केवल धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए करते थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पटना की तरह दरभंगा और मधुबनी में भी मेट्रो रेल का विस्तार होगा, जिसके लिए सर्वे का कार्य प्रारंभ हो चुका है। यह बिहार के विकास के प्रति वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मैथिली संस्कृति का संगम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का जादू
इस अवसर पर डीसीएलआर संजीत कुमार, बीडीओ सह सीओ मनोज कुमार, एसडीपीओ सदर टू शुभेन्द्र कुमार सुमन, न्यास के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, सचिव हेमन्त झा, कोषाध्यक्ष सह नगर पंचायत कमतौल अहियारी के मुख्य पार्षद रंजीत प्रसाद, सदस्य अंजनी निषाद, सच्चिदानंद चौधरी, उमेश ठाकुर सहित कई गणमान्य अतिथि मंच पर उपस्थित रहे।
इससे पूर्व, अतिथियों का पारंपरिक मिथिला पग, चादर और मिथिला पेंटिंग प्रदान कर सम्मान किया गया। तत्पश्चात, गायक कलाकार माधव राय, सोनी चौधरी और जुली झा द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों में मैथिली संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी, जो इस उत्सव की शोभा बढ़ा रही थी।






