
रामाश्रय राय: दरभंगा की धरती ने कई ऐसे सपूत दिए हैं, जिनकी पहचान न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य और राष्ट्रीय फलक पर भी बनी है। इन्हीं में से एक थे पूर्व विधायक और वरिष्ठ अधिवक्ता बच्चा बाबू, जिनकी पुण्यतिथि पर बुधवार को वकीलों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह अवसर था उनके जीवन और अविस्मरणीय योगदानों को याद करने का।
दरभंगा : जिला बार एसोसिएशन के आजीवन महासचिव रहे बच्चा बाबू की पुण्यतिथि पर उन्हें बुधवार को वकालतखाना भवन में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन दरभंगा के पूर्व अध्यक्ष रवि शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां वकीलों ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
बच्चा बाबू: न्याय, कार्यपालिका और विधायिका पर मजबूत पकड़
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि बच्चा बाबू की न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तीनों पर समान और मजबूत पकड़ थी। उन्होंने अपने जीवनकाल में इन तीनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रामाश्रय राय को आज भी उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और जनसेवा के लिए याद किया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
वकीलों के लिए किए गए कार्य और उनकी दूरदर्शिता
अधिवक्ता रमन जी चौधरी ने बच्चा बाबू को नवआगंतुक वकीलों के प्रशिक्षण के लिए हमेशा याद किए जाने वाले शख्स के रूप में वर्णित किया। अधिवक्ता बीरेंद्र कुमार सिंह ने उनके एक महत्वपूर्ण योगदान का जिक्र करते हुए बताया कि बच्चा बाबू द्वारा वकीलों के बैठने के लिए बनाए गए भवनों में आज भी 447 कुर्सियाँ मौजूद हैं, जिनका उपयोग अधिवक्ता कर रहे हैं। पूर्व पीपी विनय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चा बाबू का जीवन वकीलों के लिए पूरी तरह समर्पित रहा। वे हमेशा दरभंगा बार एसोसिएशन और वकीलों के हित के लिए सोचते थे।
बहुआयामी व्यक्तित्व: छात्र संघ से राजनीति तक
अधिवक्ता अरुण कुमार मिश्र ने रामाश्रय राय को बहुआयामी व्यक्तित्व का स्वामी बताया। बच्चा बाबू ने रोसड़ा से दो बार विधायक के रूप में विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। उनकी जन्मस्थली भिड़हा गांव में रामाश्रय स्मृति छात्र संघ पुस्तकालय आज भी विद्यमान है, जिसकी स्थापना उन्होंने 1951 में की थी। वे आजीवन दरभंगा बार एसोसिएशन के महासचिव पद पर भी सुशोभित रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस मौके पर अधिवक्ता अचलेंद्र नाथ झा, विष्णु कान्त चौधरी, राजीव चन्द्र झा, संजीव कुमार, कुलदीप दीवान, संतोष कुमार सिन्हा, नीतीश कुमार, हीरानंद मिश्र, प्रमोद कुमार मिश्र, माया शंकर चौधरी, बुलन कुमार झा एवं अधिवक्ता लिपिक विनय कुमार झा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके अविस्मरणीय अवदानों की चर्चा की।







