
जैसे राम के आने से अवध में खुशियों की लहर दौड़ गई थी, कुछ वैसी ही रौनक अहल्यास्थान में रामनवमी के पावन अवसर पर देखने को मिली। तीर्थ स्थल भगवती अहल्या के जयकारों से गूंज उठा।
रामनवमी पर अहल्यास्थान में उमड़ी भीड़: बैगन का भार और मुंडन संस्कार से भक्तों ने मांगी मन्नतें
कमतौल: रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को तीर्थ स्थल अहल्यास्थान में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिरों में दर्शन-पूजन कर भगवती अहल्या को बैगन का भार समर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मन्नत पूरी होने वाले कई श्रद्धालुओं ने अहल्या गहबर परिसर में अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया। इसके बाद सभी ने मेले का आनंद लिया।
शुक्रवार को अहले सुबह से ही पैदल, दो-तीन और चार पहिया वाहनों से रामनवमी के अवसर पर अहल्यास्थान आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, जो देर रात तक जारी रही। दोपहर होते-होते मेला क्षेत्र में तिल रखने की जगह नहीं बची। आने-जाने वाली सड़कों पर रह-रह कर जाम की स्थिति बनती रही। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मेले में भीड़ का दबाव बढ़ने के कारण वृद्ध और कई महिला श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में असुविधा भी हुई, परंतु पुलिस और स्वयंसेवकों ने स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रित कर शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन कराने का क्रम जारी रखा। मंदिरों से लेकर पूरे मेला क्षेत्र में बड़ी तादाद में पुलिस के जवानों की तैनाती की गयी थी। थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ मेला में गश्त लगाते नजर आये। सदर टू के एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन, बीडीओ सह सीओ मनोज कुमार भी दल बल के साथ मेला की निगरानी करते नजर आए। कंट्रोल रूम से लगातार श्रद्धालुओं को अपने सामानों और बच्चों पर नजर रखने की अपील की जा रही थी।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच प्रभु श्रीराम का प्राकट्योत्सव
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अहल्यास्थान स्थित रामजानकी मंदिर और सिया-पिया निवास में दोपहर 12 बजे प्रभु श्रीराम का प्राकट्योत्सव मनाया गया। इस दौरान ‘बाजत आनंद बजनमा हो रामा अवध नगर में’ जैसे बधाई गीत गाए गए। पट खुलते ही श्रद्धालुओं द्वारा ‘जय श्रीराम, जय जय सियाराम’ के जयकारे से वातावरण गूंजने लगा। वेद मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और घंटे की आवाज से माहौल राममय हो गया। इसके लिए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। करीब दो दर्जन सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से मन्दिर परिसर के साथ मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी।
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मेले के अवसर पर अहल्यास्थान की धरती दर्जनों श्रद्धालुओं के चिर परिचित नाते-रिश्तेदारों से मिलन का गवाह बना। कई युवा और युवतियों की टोली हंसी-ठिठोली में मशगूल मेला की ओर बढ़ते नजर आये। कुछ मेला से सटे आसपास के बगीचे और सड़कों के किनारे छांव में बैठकर बातचीत कर रहे थे। दुर्गा मंदिर के प्रवेशद्वार पर अहल्या गौतम कांवरिया संघ के स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं को निःशुल्क नींबू पानी और शर्बत की सेवा दी जा रही थी। वहीं एपीएचसी के चिकित्सक व कर्मी भी स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सेवा करते नजर आए।
राम मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव
कमतौल: रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार को इलाके के सभी राम मंदिरों में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भगवान की महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और जमकर जयश्रीराम के जयकारा लगाए। जन्मोत्सव पर बधाइयां गाकर श्रद्धालुओं ने भगवान के प्राकट्योत्सव की खुशियां मनाईं। अहल्यास्थान स्थित रामजानकी मन्दिर और सियापिया निवास में प्राकट्योत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी श्रद्धालु जय श्रीराम, जय जय सियाराम का जयघोष करते आगे बढ़ रहे थे। बेलबाड़ा के रामजानकी मन्दिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया था। जिसमें सोहर व बधाई गीतों पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
दोपहर ठीक 12 बजे मंदिरों में भगवान के प्राकट्य होते ही घंटे व शंख बजने लगे और ‘भय प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी’ गाते हुए श्रद्धालु भगवान की आरती में लीन हो गए। ‘अंगना में बाजे बधइयां, जनम लेल राम रघु रैया’ जैसे सोहर गीत और शंखनाद के बीच भगवान की महाआरती की गई। महाआरती के बाद भगवान के जन्म की खुशियां मनाते हुए पुष्पवर्षा की गई। आरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया था। मंदिर परिसर में भी आकर्षक साज-सज्जा की गई थी। मंदिरों को रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया था।
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