
जैसे अयोध्या में रामलला के आगमन से मानो एक नए युग का सूत्रपात हुआ है, वैसे ही बेनीपुर में रामनवमी का पर्व अपने पूरे उल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
रामनवमी: बेनीपुर में रामनवमी का पर्व परंपरागत ढंग से हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों और निजी स्थलों पर महावीर जी का ध्वजारोहण किया गया। पोहद्दी कचहरी बजरंगबली मंदिर परिसर से एक भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसने सभी का मन मोह लिया। इस यात्रा में पारंपरिक हथियारों का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया, साथ ही विभिन्न प्रकार की झांकियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बेनीपुर में रामनवमी का उत्सव और महावीर जी की शोभायात्रा
युवाओं की टोली धार्मिक नारों और भजनों की धुन पर जमकर झूम उठी। डीजे की धुन पर थिरकते हुए उन्होंने पूरे नगर की परिक्रमा की। इस शोभायात्रा के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं। पर्व से चार दिन पहले गांव में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सभी धर्मों के अनुयायियों से शांतिपूर्वक पर्व मनाने की अपील की गई थी।
शोभायात्रा के दिन, प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार और राजस्व पदाधिकारी को दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रशिक्षु डीएसपी सह प्रभारी थाना अध्यक्ष रोशन कुमार और बहेड़ा थाना अध्यक्ष हरिद्वार शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात था। शोभायात्रा के दौरान बहेड़ा थाना के अतिरिक्त बहेड़ी, अलीनगर और मध्य निषेध थाना की पुलिस भी मौजूद थी।
प्रशासन की पैनी नजर और ड्रोन से निगरानी
अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा और अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी बासुकीनाथ झा स्वयं इस शोभायात्रा पर कड़ी नजर रखे हुए थे। हर कदम पर ड्रोन कैमरे और वीडियो कैमरों से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जा रही थी। इस तरह की चौकसी यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शोभायात्रा के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को बधाई दी। वहीं, गांव के बुद्धिजीवियों ने भी स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया कि उनके सहयोग से यह शोभायात्रा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। इस उत्सव में आपसी सौहार्द और भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
रामनवमी का महत्व और आगामी कार्यक्रम
यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामुदायिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता है। ऐसी शोभायात्राएं हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखती हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आगे भी ऐसे ही उत्साहपूर्ण आयोजनों की उम्मीद है जो हमारे समाज को एक सूत्र में पिरोते रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






