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दरभंगा गौसाघाट माघी पूर्णिमा मेला | व्यवस्था के नाम पर “खुला खेल फर्रुखाबादी”

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दरभंगा माघी पूर्णिमा मेले में कुव्यवस्था, श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों ने साबित कर दिया कि यहां आयोजन के नाम पर सिर्फ “अवैध ताकत” दिखा। लोगों की परेशानी दिखी। गदंगी दिखा। सिस्टम लाचार मिला। व्यापारी चाहें स्थानीय हों या बाहरी दूसरे जिलों के, सभी यहां से असंतुष्ट दिखे। अवैध वसूली से मर्माहत देशज टाइम्स के कैमरे के सामने जो कहा, “खुला खेल फर्रुखाबादी” ही दिखा।

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कमला नदी में डुबकी से वंचित रहे श्रद्धालु

दरभंगा के सदर प्रखंड क्षेत्र के गौसाघाट तट पर आयोजित चार दिवसीय माघी पूर्णिमा मेला में इस बार अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। नेपाल समेत बिहार के विभिन्न कोनों से संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे हजारों श्रद्धालु कमला नदी में कीचड़ और गंदगी के कारण स्नान नहीं कर सके।

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व्यवस्था के नाम पर केवल वसूली

मेले में साफ-सफाई, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ नजर आया। अंचल प्रशासन की ओर से कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई, जबकि सैकड़ों दुकानदारों से लाखों रुपये वसूले गए। हैरानी की बात यह रही कि कई दुकानदारों को जो रसीद दी गई, वह एक स्कूल के नाम से फर्जी तरीके से काटी गई। इसमें न तो किसी कर्मी का हस्ताक्षर था। और, न ही कोई अधिकृत नाम।

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अवैध वसूली और धमकी के आरोप

स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि उनसे जबरन अवैध तरीके से पैसे वसूले गए, और विरोध करने पर गाली-गलौज व धमकी दी गई। एक दुकानदार ने दावा किया कि एक बॉस नामक व्यक्ति हर साल आता है और धमकी देकर वसूली करता है

चोरी और लूटपाट की घटनाएं भी आईं सामने

  • झारखंड पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत अजय कुमार का बैग, मोबाइल और ₹9,000 नकद चोरी हो गया।
  • सीतामढ़ी के दुकानदार उमाकांत कुमार ने बताया कि उनसे ₹300 का चालान काटने के साथ जबरन एक चश्मा भी ले लिया गया
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प्रशासन की लापरवाही उजागर

जब इस मामले पर राजस्व अधिकारी विनीत चित्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने शौचालय व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रखंड प्रशासन पर डाल दी। हालांकि, हर साल यह व्यवस्था अंचल की ओर से की जाती थी।

मेले से कमाई लाखों में, सुविधाएं शून्य

हर साल अंचल प्रशासन मेले से लाखों रुपये की वसूली करता है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं और दुकानदारों को सुविधाओं के नाम पर शून्य व्यवस्था मिली। प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार ने इस धार्मिक आयोजन की पवित्रता को आघात पहुंचाया है।

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