spot_img

दरभंगा गौसाघाट माघी पूर्णिमा मेला | व्यवस्था के नाम पर “खुला खेल फर्रुखाबादी”

spot_img
- Advertisement -

दरभंगा माघी पूर्णिमा मेले में कुव्यवस्था, श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों ने साबित कर दिया कि यहां आयोजन के नाम पर सिर्फ “अवैध ताकत” दिखा। लोगों की परेशानी दिखी। गदंगी दिखा। सिस्टम लाचार मिला। व्यापारी चाहें स्थानीय हों या बाहरी दूसरे जिलों के, सभी यहां से असंतुष्ट दिखे। अवैध वसूली से मर्माहत देशज टाइम्स के कैमरे के सामने जो कहा, “खुला खेल फर्रुखाबादी” ही दिखा।

- Advertisement -

कमला नदी में डुबकी से वंचित रहे श्रद्धालु

दरभंगा के सदर प्रखंड क्षेत्र के गौसाघाट तट पर आयोजित चार दिवसीय माघी पूर्णिमा मेला में इस बार अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। नेपाल समेत बिहार के विभिन्न कोनों से संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे हजारों श्रद्धालु कमला नदी में कीचड़ और गंदगी के कारण स्नान नहीं कर सके।

- Advertisement -

व्यवस्था के नाम पर केवल वसूली

मेले में साफ-सफाई, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ नजर आया। अंचल प्रशासन की ओर से कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई, जबकि सैकड़ों दुकानदारों से लाखों रुपये वसूले गए। हैरानी की बात यह रही कि कई दुकानदारों को जो रसीद दी गई, वह एक स्कूल के नाम से फर्जी तरीके से काटी गई। इसमें न तो किसी कर्मी का हस्ताक्षर था। और, न ही कोई अधिकृत नाम।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  आपके Darbhanga में बन रहा बिजली घर! लेकिन... क्या कभी पूरा होगा काम? 2025 का लक्ष्य, जून 2026 में शुरुआत, आखिर क्यों हुई इतनी देरी?

अवैध वसूली और धमकी के आरोप

स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि उनसे जबरन अवैध तरीके से पैसे वसूले गए, और विरोध करने पर गाली-गलौज व धमकी दी गई। एक दुकानदार ने दावा किया कि एक बॉस नामक व्यक्ति हर साल आता है और धमकी देकर वसूली करता है

चोरी और लूटपाट की घटनाएं भी आईं सामने

  • झारखंड पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत अजय कुमार का बैग, मोबाइल और ₹9,000 नकद चोरी हो गया।
  • सीतामढ़ी के दुकानदार उमाकांत कुमार ने बताया कि उनसे ₹300 का चालान काटने के साथ जबरन एक चश्मा भी ले लिया गया
यह भी पढ़ें:  दरभंगा में नौकरी की बंपर सौगात! 200 पदों पर सीधी भर्ती, कोई परीक्षा नहीं, सैलरी 22,000 तक

प्रशासन की लापरवाही उजागर

जब इस मामले पर राजस्व अधिकारी विनीत चित्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने शौचालय व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रखंड प्रशासन पर डाल दी। हालांकि, हर साल यह व्यवस्था अंचल की ओर से की जाती थी।

मेले से कमाई लाखों में, सुविधाएं शून्य

हर साल अंचल प्रशासन मेले से लाखों रुपये की वसूली करता है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं और दुकानदारों को सुविधाओं के नाम पर शून्य व्यवस्था मिली। प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार ने इस धार्मिक आयोजन की पवित्रता को आघात पहुंचाया है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

बड़ी चिंता है : क्यों बदला बिहार में मौसम का स्वभाव! IMD की बड़ी स्टडी से खुलेंगे जलवायु परिवर्तन के राज

Bihar Climate Change: बिहार में जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों को देखते हुए IMD ने एक विशेष वैज्ञानिक अध्ययन शुरू किया है। पिछले 20 साल में 13 बार कम बारिश, 'झपसी' का गायब होना और#BiharClimateChange,#IMDStudy,#BiharMonsoon

बिहार में मुहर्रम पर बड़ा फैसला: बिना लाइसेंस जुलूस नहीं, डीजे-भड़काऊ गाने बैन, जानें मुख्य सचिव प्रत्यय, DGP विनय ने बताया -क्या हैं नए...

Bihar Muharram: मुहर्रम 2026 से पहले बिहार सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बिना लाइसेंस जुलूस, डीजे और भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध रहेगा। मुख्य सचिव और डीजीपी ने सभी DM-S#BiharMuharram,#BiharPolice,#LawAndOrder

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का ‘एक्शन मोड’: 6 अधिकारी नपे, 1 निलंबित; Bihar Education में हड़कंप!

Bihar Education Minister: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता के आरोप में 6 अधिकारियों पर अन#BiharEducationMinister,#MithileshTiwari,#BiharNews

शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: बिहार में स्कूलों का टाइम बदला! भीषण गर्मी में बच्चों को मिली बड़ी राहत, जानें नया समय

Bihar School Timings: बिहार में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए सरकारी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अब स्कूल सुबह 6.30 से दोपहर 12.30 बजे तक ही संचालित होंगे, जिससे छात्रो#BiharNews,#BiharSchoolTimings,#HeatwaveAlert