- Advertisement -
उपशास्त्री परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित: 86% छात्र सफल
- Advertisement -
दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ने बुधवार को उपशास्त्री परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित किया। इस बार का परिणाम उल्लेखनीय रूप से संतोषजनक रहा, जिसमें लगभग 86% छात्र सफल हुए।
- Advertisement -
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 

बिहार में विकास को मिलेगी रफ्तार! जानिए कहां क्या बनेगा – कब तक पूरे होंगे आपके शहर के बड़े प्रोजेक्ट्स? |स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी
2 

अब नहीं चलेगी अधिकारियों की मनमानी! बिहार में शिकायत निपटाने में देरी पर CM सम्राट चौधरी सख्त |अब SDO, DCLR और DM रखेंगे CO-BDO पर निगहबानी
3 

आतंकी हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा, पहलगाम हमले में अब नहीं बच पाएगा मास्टरमाइंड! जानिए -क्यों जारी हुआ वारंट?
4 

लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत! अब नहीं जाएंगे जेल, ‘7 साल से जमानत पर हैं लालू यादव’, SC ने क्या कहा?
5 

बिहार में 15 जुलाई को ट्रेनों पर बड़ा संकट! बड़ा रेल ब्लॉक! आपकी ट्रेन रद्द या लेट तो नहीं? तुरंत चेक करें लिस्ट
6 

सोना खरीदने का है प्लान तो रुकिए! खरीदने का आया सुनहरा मौका? Bihar में ₹34,000 सस्ता हुआ गोल्ड, गिरे दाम, क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
परीक्षा परिणाम का विवरण:
- कुल परीक्षार्थी: 3297
- उत्तीर्ण छात्र: 2849
- असफल छात्र: 448
- उत्तीर्ण प्रतिशत: 86%
प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
- पीआरओ निशिकान्त ने बताया कि इस बार परीक्षा परिणाम की तैयारी में विशेष सतर्कता बरती गई। परिणाम में कोई भी विसंगति न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया।
- परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश कुमार झा ने कहा कि इस बार किसी भी छात्र का परिणाम लंबित नहीं है, जो विश्वविद्यालय की तत्परता और समर्पण का परिचायक है।
परीक्षाफल कैसे प्राप्त करें:
- विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी कॉलेजों के परीक्षाफल विवरण अपलोड कर दिए गए हैं।
- कॉलेज के प्रधानाचार्य वेबसाइट से अपने-अपने कॉलेज का परीक्षाफल प्राप्त कर सकते हैं।
विशेष संदेश:
- परीक्षा में सफल हुए छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- असफल छात्रों से यह संदेश दिया गया कि वे अगले प्रयास में और अधिक मेहनत करें।
निष्कर्ष:
इस परीक्षा परिणाम ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता को साबित किया है। उत्तीर्ण छात्रों की सफलता न केवल उनकी मेहनत का, बल्कि संस्कृत शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है।
- Advertisement -








