- Advertisement -
उपशास्त्री परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित: 86% छात्र सफल
- Advertisement -
दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ने बुधवार को उपशास्त्री परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित किया। इस बार का परिणाम उल्लेखनीय रूप से संतोषजनक रहा, जिसमें लगभग 86% छात्र सफल हुए।
- Advertisement -
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 

पटना में छात्रों के गुस्से का शिकार हुए BJP MLA विनय बिहारी! गाड़ी तोड़ी, बवाल, विधानसभा की सुरक्षा बढ़ी, मुख्य गेट बंद
2 

Bihar Diesel Subsidy सूखे से परेशान किसानों के लिए CM सम्राट का बड़ा तोहफा! अब डीजल पर मिलेगी सब्सिडी, मिलेगा 12 घंटे बिजली
3 

Bihar Private University Bill बिहार के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर! अब पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा |बिहार निजी विश्वविद्यालय विधेयक पारित
4 

Bihar Rural Roads बिहार की सड़कों पर बड़ा फैसला! 50 करोड़ से ज़्यादा के टेंडर अब बंद, जानिए क्या होगा असर?
5 

Bihar Assembly Live झटका! बिहार में अपनी ही सरकार के मंत्री को विधायकों ने दी खुली चुनौती, अंधेरे में डूबे गांव| पढ़िए – क्यों BJP MLA जीवेश कुमार और JDU MLA अजीत कुमार ने मंत्री दीपक प्रकाश को घेरा
6 

Bihar Student Protest पटना में बवाल, राजभवन मार्च पर छात्रों का गुस्सा फूटा, पुलिस से भीषण झड़प, वाटर कैनन और लाठीचार्ज, थानेदार का सिर फटा!
परीक्षा परिणाम का विवरण:
- कुल परीक्षार्थी: 3297
- उत्तीर्ण छात्र: 2849
- असफल छात्र: 448
- उत्तीर्ण प्रतिशत: 86%
प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
- पीआरओ निशिकान्त ने बताया कि इस बार परीक्षा परिणाम की तैयारी में विशेष सतर्कता बरती गई। परिणाम में कोई भी विसंगति न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया।
- परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश कुमार झा ने कहा कि इस बार किसी भी छात्र का परिणाम लंबित नहीं है, जो विश्वविद्यालय की तत्परता और समर्पण का परिचायक है।
परीक्षाफल कैसे प्राप्त करें:
- विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी कॉलेजों के परीक्षाफल विवरण अपलोड कर दिए गए हैं।
- कॉलेज के प्रधानाचार्य वेबसाइट से अपने-अपने कॉलेज का परीक्षाफल प्राप्त कर सकते हैं।
विशेष संदेश:
- परीक्षा में सफल हुए छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- असफल छात्रों से यह संदेश दिया गया कि वे अगले प्रयास में और अधिक मेहनत करें।
निष्कर्ष:
इस परीक्षा परिणाम ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता को साबित किया है। उत्तीर्ण छात्रों की सफलता न केवल उनकी मेहनत का, बल्कि संस्कृत शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है।

- Advertisement -









