
National Youth Icon Award: दरभंगा देशज टाइम्स। समाज के हर वंचित तबके के लिए लड़ाई लड़ने वाले, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के प्रतीक एक युवा को जब राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मानों में से एक से नवाजा जाता है, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उन लाखों-करोड़ों लोगों की उम्मीदों का सम्मान होता है, जिनकी आवाज बनने के लिए यह युवा दशकों से संघर्षरत है।
National Youth Icon Award: रोहित कुमार सिंह को मिला ‘नेशनल यूथ आइकॉन ऑफ द ईयर’ सम्मान, केंद्रीय मंत्री अठावले ने नवाजा
मानवाधिकार योद्धा रोहित सिंह को मिला National Youth Icon Award
नेशनल यूथ आइकॉन अवार्ड: मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के माननीय मंत्री रामदास अठावले के हाथों प्रतिष्ठित ‘नेशनल यूथ आइकॉन ऑफ द ईयर’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केंद्रीय मंत्री के विशेष आमंत्रण पर रोहित कुमार सिंह को प्रदान किया गया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले प्रत्येक वर्ष समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पाँच युवाओं को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित करते हैं।

मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह पिछले 15 वर्षों से देश भर में एक समर्पित मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में सामाजिक न्याय स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने अपने बेहतरीन कार्यकाल में समाज हित से जुड़े कई बड़े मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर कोर्ट तक की लड़ाई लड़ी है। गरीब और पिछड़े तबके के बीच रोहित कुमार सिंह भ्रष्टाचार और शोषण को मिटाने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। इतना ही नहीं, उनके द्वारा चलाए गए कुछ बड़े अभियान राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहे गए हैं।
रोहित सिंह की प्रमुख पहलों में से एक है रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों, मेडिकल कॉलेज, बस स्टैंड और बड़े शॉपिंग मॉल जैसी जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा हेतु, विशेषकर नवजात शिशु वाली माताओं के लिए, स्तनपान केंद्र की स्थापना का मुहिम। इस अभियान को रोहित सिंह पिछले 12 वर्षों से चला रहे हैं और यह न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँच चुका है। कई मेडिकल कॉलेजों में मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा निजी रूप से स्तनपान केंद्रों की स्थापना भी की गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित सिंह की लड़ाई का ही असर है कि आज कई शॉपिंग मॉल और हवाई अड्डों पर स्तनपान केंद्र देखने को मिलते हैं। इसके साथ ही, पिछले 15 सालों से रोहित कुमार सिंह ने बाल श्रम मुक्ति को लेकर एक बहुत बड़ा अभियान छेड़ रखा है। बिहार के कई जिलों में ईंट भट्ठा, ढाबा, होटल आदि से न सिर्फ बच्चों को मुक्त कराया गया, बल्कि “हमारा प्रतिष्ठान – बाल श्रम मुक्त प्रतिष्ठान” अभियान को भी आगे बढ़ाया गया। इसी क्रम में, बिहार राज्य में प्लास्टिक बंदी को लेकर रोहित सिंह की लड़ाई आज भी जारी है। उन्होंने राज्य स्तर पर 2014 से लगातार “प्लास्टिक मुक्त बिहार” मुहिम चला रखी है।
रोहित सिंह द्वारा ‘पॉर्न फ्री इंडिया’ की मुहिम भी राष्ट्रीय स्तर पर चलाई गई है। साथ ही, श्री सिंह गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए “शिक्षा माला” कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके तहत बच्चों को पढ़ाने के लिए ‘श्रमदान’ मुहिम चलाए जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। श्री सिंह के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण में भी ‘पेड़ लगाओ’ अभियान एक बड़े मुहिम का रूप ले चुका है। कोरोना काल के लॉकडाउन के दौरान राशन वितरण, दवा और ऑक्सीजन सहयोग की मुहिम देशभर में श्री सिंह की अध्यक्षता में चलाई गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी श्री सिंह की अध्यक्षता में मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय से जुड़े डॉक्टरों ने एकजुट होकर ’10 रुपये वाली क्लीनिक’ की शुरुआत की है, जिसकी पहली शाखा दरभंगा में खोली गई है और दूसरी शाखा पटना में खोली जा रही है। इस 15 साल के सफर में श्री सिंह ने गरीब और लाचार लोगों के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने की रोहित सिंह के कार्यों की सराहना
केंद्रीय मंत्री श्री रामदास अठावले ने सम्मान प्रदान करते हुए कहा,
जब मैं मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह के काम को देखता हूँ, तो मुझे महसूस होता है कि रोहित सिंह जैसे युवा ही भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। युवावस्था में जब लोग अपने जीवन को संवारने और नौकरी पाने में लगते हैं, तब रोहित सिंह ने अपने जीवन को समाज के प्रति समर्पित कर दिया। सामाजिक न्याय स्थापित करने के लिए रोहित सिंह की जो मुहिम है, वह एक दिन मील का पत्थर साबित होगी। मुझे सिर्फ उम्मीद ही नहीं, पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में रोहित सिंह भारत में सामाजिक बदलाव की क्रांति का चेहरा होंगे। जिस तरह से रोहित सिंह सामाजिक न्याय को परिभाषित करते हैं, उससे यह लगता है कि हमारे युवाओं की सोच कितनी उत्कृष्ट है। समाज को बेहतर बनाने में ऐसे युवाओं की बहुत ज़रूरत है। यह सम्मान रोहित सिंह जैसे शख्सियत के लिए सिर्फ एक शुरुआत है, ताकि यह कई और युवाओं को प्रेरित कर आगे ला सके। रोहित सिंह ने हर परिवार को अपना परिवार माना है और समाज में जो पिछड़ा है, उसे आगे लाने की कोशिश कर रहे हैं। मेरी तरफ से रोहित जी को बहुत शुभकामनाएँ हैं।
इस सम्मान के लिए रोहित सिंह ने डॉ. मनीष गवाई जी का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका प्रोफाइल माननीय मंत्री जी तक पहुँचाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



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