

लहेरियासराय, देशज टाइम्स रिपोर्टर। एक छह वर्षीय अबोध बालक को बहला फुसलाकर ले जाकर निर्मम हत्या कर देने के जुर्म में सत्र न्यायाधीश रुद्र प्रकाश मिश्रा (Rudra Prakash Mishra) की अदालत ने शुक्रवार को अभियुक्त संतोष कुमार चौपाल को आजीवन सश्रम कारावास की सजा शुक्रवार को सुनाई है।
साथ ही हत्या जैसे जघन्य अपराध में अभियुक्त संतोष कुमार चौपाल पर सत्र न्यायाधीश रुद्र प्रकाश मिश्रा की अदालत ने बतौर जुर्माना एक लाख रुपए की भी सजा सुनाई है।
अभियुक्त संतोष को 22 फरवरी को दोषी करार देते हुए जिला जज ने मंडल कारा भेज दिया। जिला जज श्री मिश्रा की अदालत ने अभियुक्त के सजा निर्धारण के बिन्दु पर सुनवाई और निर्णय के लिए 25 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
अपर लोक अभियोजक चमक लाल पंडित के अनुसार
यह घटना 26 मार्च 2010 की है। सहरसा जिले के जलई थाना अन्तर्गत मननगर गांव के संतोष चौपाल ने अपने हीं गांव के गुम्मा देवी के पोता राज किशोर चौपाल को बहला फुसलाकर अपहरण कर हत्या कर दिया।
राज किशोर चौपाल
अन्य बच्चों के साथ दुर्गापूजा में हो रहे नाच देखने जा रहा था। हत्यारे ने अबोध बालक की हत्या दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान के करोतवा तिनमोहानी खेसराहा चौर स्थित मकई के खेत में ले जाकर गला दबाकर कर दी थी।
इसकी प्राथमिकी कुशेश्वरस्थान थानाकांड संख्या 63/10 का सत्रवाद संख्या 465/10 में बिचारण के दौरान मृतक के साथ नाच देखने जा रहे तीन बच्चों ने अदालत में गवाही देकर अपहरण की घटना की सम्पुष्टि किया।
डीजे श्री मिश्रा ने अभियुक्त को दफा 302 में आजीवन सश्रम कारावास और जुर्माना 50 हजार रुपया, धारा 364 भादवि में दस वर्ष सश्रम कारावास और जुर्माना 50 हजार रुपए की सजा सुनाई गई।
जुर्माना नहीं देने पर दोनों धाराओं में छह-छह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश पारित किया है। वहीं जिला जज ने जुर्माने की राशि मृतक के परिवार वाले को दी जाएगी।


