

श्रम अधीक्षकने बताया कि यदि 18 से 65 वर्ष की आयु के किसी असंगठित कामगार या शिल्पकार की मृत्यु होती है तो दुर्घटना मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रित को ₹100000 की अनुदान राशि श्रम संसाधन विभाग के द्वारा संचालित शताब्दी योजना के तहत दी जाती है तथा स्वाभाविक मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को ₹30000 के अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है इसके अतिरिक्त यदि किसी असंगठित कामगार या शिल्पकार की दुर्घटना या बीमारी की वजह से स्थाई अपंगता हो जाती है तो पूर्ण स्थाई अपंगता की स्थिति में ₹75000 के अनुदान राशि तथा आंशिक स्थाई अपंगता की स्थिति में ₹37500 की अनुदान राशि दी जाती है।उन्होंने बताया कि यदि बिहार राज्य के श्रमिक बिहार राज्य से बाहर किसी अन्य राज्य में या विदेश में कार्य करने के दौरान उनकी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में उनके आश्रित को ₹100000 की अनुदान राशि दी जाती है साथ ही दुर्घटना या बीमारी में पूर्ण स्थाई विकलांगता में ₹75 तथा आंशिक स्थाई विकलांगता की स्थिति में दी जाती है।
साथ ही श्रम अधीक्षक की ओर से निदेशक, पंचायती राज विभाग की ओर से बाल श्रम उन्मूलन मुक्ति एवं पुनर्वास पर पंचायती राज विभाग से संबंधित बिंदु के अनुपालन से संबंधित दिए गए निर्देश के आलोक में सभी नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों को विहित प्रपत्र में पंजी तैयार करने हेतु जानकारी दी गई।
साथ ही यह भी अनुरोध किया गया कि वह अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष से कम उम्र के सभी बालक एवं बालिकाओं का विद्यालय में नामांकन के साथ नियमित रूप से स्कूल जाना सुनिश्चित कराएं तथा यह भी सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में किसी भी बाल श्रमिक से कार्य नहीं लिया जा रहा है।
साथ ही श्रम अधीक्षक ने श्रम पदाधिकारी हायाघाट को निर्देशित किया गया कि वह अविलंब संबंधित ठेकेदार और एजीएम को नोटिस निर्गत कर यह सुनिश्चित कराएं कि सभी श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान हो और यदि न्यूनतम मजदूरी के भुगतान संबंधित ठेकेदार की ओर से नहीं किया जाता है तो उनके विरुद्ध सक्षम प्राधिकार के न्यायालय में दावा पत्र एवं अभियोजन की कार्रवाई सुनिश्चित करें।



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