नीट (NEET) परीक्षा 2025 में फर्जीवाड़ा (Exam Fraud) का सनसनीखेज खुलासा समस्तीपुर पुलिस ने किया है। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो स्कॉलर को असली परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दिलाने का गिरोह चला रहे थे। समस्तीपुर, देशज टाइम्स –की रिपोर्ट।
NEET 2025 में फर्जी परीक्षार्थी बिठाने वाला रैकेट धरा गया! डॉक्टर और दरभंगा के युवक गिरफ्तार, लाखों में होती थी सौदेबाजी…
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बिहार में NEET 2025 (नीट परीक्षा 2025) को लेकर बड़ा पेपर सॉल्वर गिरोह (paper solver gang) पकड़ा गया है। समस्तीपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बेगूसराय जेल में पदस्थापित डॉक्टर रंजीत कुमार और दरभंगा के रामबाबू मल्लिक को गिरफ्तार किया है। इन पर मूल परीक्षार्थी की जगह स्कॉलर बैठाकर परीक्षा दिलाने का गंभीर आरोप है। मूल अभ्यर्थी की जगह पर दूसरे परीक्षार्थी को बैठाने का काम दोनों करते थे। दोनों के पास से बरामद मोबाइल की जांच चल रही है।
तकनीकी जांच में हुआ खुलासा
पुलिस को टेक्निकल सेल से सूचना मिली थी कि एक नीट परीक्षा केंद्र के पास संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। एएसपी संजय पांडे के मुताबिक, इनपुट मिलते ही पुलिस टीम ने मोहनपुर पुल के पास एक कार में बैठे दो व्यक्तियों को पकड़ा। उनके मोबाइल की जांच में कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड, मोबाइल चार्ट और अन्य डाक्यूमेंट्स बरामद हुए।
Samastipur, Bihar: Samastipur police uncovered a racket in which a scholar was made to appear for a NEET exam in place of the original candidate. The police received a tip-off about a group using technical means to swap candidates and manage fake admit cards.
ASP Sanjay Pandey… pic.twitter.com/5mJVEX0nom
— IANS (@ians_india) May 5, 2025
एडमिट कार्ड में छेड़छाड़, स्कॉलर को बिठाया गया। पूछताछ में डॉ. रंजीत कुमार और रामबाबू मल्लिक ने खुलासा किया कि: कमज़ोर छात्रों को पास कराने के लिए फर्जी परीक्षार्थी (scholar) को एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ करके परीक्षा में बैठाया जाता था।इस पूरे काम के एवज में ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की डील होती थी।
मोबाइल से मिले सबूत
मोहनपुर पुल के पास एक परीक्षा केंद्र के नजदीक संदिग्ध कार में बैठे रामबाबू मल्लिक (दरभंगा) और डॉ. रंजीत कुमार (बेगूसराय जेल में पदस्थापित) को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 3 मोबाइल, 1 कार, और ₹50,000 नकद बरामद हुए हैं।मोबाइल में छात्रों के आधार कार्ड और एडमिट कार्ड की डिजिटल कॉपी, फोटो, और ट्रांजैक्शन डिटेल्स मिली हैं। यह साबित करता है कि परीक्षा से पहले फर्जीवाड़ा की पूरी योजना बनाई गई थी।
2 से 5 लाख में डील, स्कॉलर देता था परीक्षा
एएसपी संजय पांडे ने बताया कि यह गिरोह कमजोर NEET छात्रों के बदले स्कॉलर को परीक्षा दिलाता था, और इसके लिए ₹2 से ₹5 लाख तक वसूले जाते थे। एडमिट कार्ड और ID में हेरफेर कर स्कॉलर को एंट्री दी जाती थी। टेक्निकल सेल की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
पटना से मिला था इनपुट, टेक्निकल सर्विलांस से पकड़े गए आरोपी
पटना से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने शहर में सतर्कता बढ़ाई और मोबाइल डाटा खंगालने पर गड़बड़ी उजागर हुई। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पूरे गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस सॉल्वर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही जिन छात्रों और अभिभावकों ने पैसे देकर यह सेवा ली, उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे NEET Exam Fraud नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।














