
सिंहवाड़ा, देशज टाइम्स।जीवन एक यात्रा है, कभी खुशी का पड़ाव, तो कभी गम का अंधड़। समस्तीपुर से गांव लौट रहे आशीष के लिए यह यात्रा एक ऐसे मोड़ पर खत्म हुई, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। एक Road accident: ने एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।
सिंहवाड़ा में Road accident: कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
Road accident: ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों पर वज्रपात कर दिया है। समस्तीपुर एसपी कार्यालय में कार्यरत 34 वर्षीय आशीष कुमार की बीते देर शाम एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना अतरवेल-भरवाड़ा एसएच पर सिंहवाड़ा थाना के पास घटी, जब आशीष अपनी बाइक से अपने पैतृक गांव कटका लौट रहे थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आशीष सड़क पर खून से लथपथ पड़े मिले। सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत सिंहवाड़ा सीएचसी पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) रेफर कर दिया। आपको बता दें कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, दरभंगा के एक निजी अस्पताल में ले जाने के दौरान ही आशीष ने दम तोड़ दिया, जिससे सभी प्रयासों पर पानी फिर गया।
आशीष की असामयिक मृत्यु की खबर जैसे ही कटका गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि आशीष पहले दरभंगा एसपी कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। कुछ समय पहले ही उनका तबादला समस्तीपुर एसपी कार्यालय में हुआ था। वह हर शनिवार को अपनी बाइक से समस्तीपुर से गांव आया करते थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा घर लौटते समय ही एक अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से हुआ। उनके निधन से पत्नी रागनी कुमारी और दो छोटे-छोटे बच्चों अस्मित और उत्कर्ष सहित पूरे परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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आशीष का परिवार: अब कौन संभालेगा टूटे सपने?
आशीष अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और दो मासूम बच्चों को यह भी नहीं पता कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दुख की घड़ी में गांव और आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन यह क्षति इतनी बड़ी है जिसकी भरपाई संभव नहीं। स्थानीय प्रशासन से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद की उम्मीद की जा रही है।




