

Darbhanga News: आस्था जब परवान चढ़ती है तो सुविधाओं का आसमान भी खुल जाता है। कुछ ऐसा ही दरभंगा के श्यामा माई मंदिर में हुआ, जहां अब VVIP मेहमानों के लिए भी विशेष व्यवस्था हो गई है। दरभंगा के विश्वप्रसिद्ध मां श्यामा मंदिर परिसर में सुविधाओं का एक और नया अध्याय जुड़ गया है। दूर-दराज से आने वाले आम श्रद्धालुओं के लिए बने ‘मां श्यामा विश्राम घर’ के बाद अब यहां अति विशिष्ट मेहमानों के लिए ‘मां श्यामा अतिथि भवन’ का भी शुभारंभ हो गया है। राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने सोमवार को इसमें प्रथम प्रवेश कर इसकी विधिवत शुरुआत की।
इस अतिथि भवन की आवश्यकता लगभग दो वर्ष पूर्व महसूस की गई थी, जब तत्कालीन राज्यपाल मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आए थे। उस समय यह महसूस किया गया कि परिसर में माननीय मुख्यमंत्री, मंत्री या राज्यपाल जैसे VVIP के ठहरने के लिए सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से कोई उपयुक्त भवन नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। न्यास समिति की बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. जयशंकर झा के प्रस्ताव पर अध्यक्ष प्रो. एसएम झा और तत्कालीन सचिव सह जिलाधिकारी राजीव रोशन की सर्वसम्मति से इसे बनाने का निर्णय लिया गया था।
Darbhanga News: सांसद ने किया पूजा-अर्चना और विकास के दिए मंत्र
इससे पहले, राज्यसभा सांसद संजय झा ने मां श्यामा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजन के उपरांत उन्होंने अतिथि भवन का उद्घाटन किया और मंदिर परिसर में स्थित अन्य भवनों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने 2012 में अपने ऐच्छिक कोष से निर्मित ‘मां श्यामा जानकी मिथिला भवन’ का भी जायजा लिया, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उन्होंने न्यास समिति के सदस्यों से इसके सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण पर चर्चा की और कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
श्री झा ने कहा कि भवन में प्राकृतिक रोशनी और हवा आने की व्यवस्था होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर एयर कंडीशनर या कूलर चलाने की सुविधा भी विकसित की जाए। उन्होंने कहा, “सरकार ने सोलर की व्यवस्था की है, आप ऊपर सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव दीजिए। सरकार के स्तर से और अपने स्तर से भी मैं हरसंभव मदद करूंगा।” उन्होंने Maa Shyama Mandir परिसर के बाहरी हिस्से में फूल-पौधे लगाकर इसे ग्रीन-फील्ड के रूप में विकसित करने का भी सुझाव दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भवन के एक खंभे में लगे शीशे को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई और कहा कि इसे मिथिला पेंटिंग से और सुसज्जित कर आकर्षक बनाया जा सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जब सांसद ने याद किये पुराने दिन
निरीक्षण के दौरान संजय झा ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि 2011 में उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य के रूप में इस जमीन को मंदिर परिसर के विकास के लिए दिलवाने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने बताया, “उस समय मैंने विधान पार्षद के तौर पर अपनी पूरी एक करोड़ रुपये की राशि इस भवन के निर्माण के लिए दी थी, जिसके बाद इस परिसर को एक नई पहचान मिली।”
जब उन्हें यह जानकारी मिली कि यह विवाह भवन आज भी गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए मात्र 11,000 रुपये की न्यूनतम राशि पर उपलब्ध कराया जाता है, तो उन्होंने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 14 साल बाद भी बीपीएल परिवारों को उसी दर पर यह सुविधा मिलना वर्तमान न्यास समिति की गरीबों के प्रति उदारता को दर्शाता है।
न्यास समिति के कार्यों की सराहना
सांसद संजय झा ने इस बात पर खुशी जताई कि वर्तमान न्यास समिति ने पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के कार्यों में भी बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि भक्तों के बढ़ते आर्थिक योगदान से यह साबित होता है कि उनकी अटूट आस्था और मजबूत हुई है, जिससे मंदिर परिसर का विकास हुआ है और न्यास की आय भी बढ़ी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अवसर पर पटना में एक बैठक में होने के कारण जिलाधिकारी सह न्यास सचिव कौशल कुमार उपस्थित नहीं हो सके। उनके प्रतिनिधि के रूप में एडीएम, विधि-व्यवस्था राकेश कुमार मौजूद रहे और उन्होंने सांसद को आगामी 7 एवं 8 मार्च को होने वाले मां श्यामा महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया।


