Online Classes: अब गर्मी की छुट्टी में मस्ती के साथ पढ़ाई भी होगी! संस्कृत विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। सत्र नियमित करने के लिए ग्रीष्मावकाश में भी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी, ताकि छात्रों का बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।
दरभंगा में स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय (KSDSU) ने छात्रों के हित में एक सराहनीय कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र को नियमित करने के लिए ग्रीष्मावकाश के दौरान भी Online Classes चलाने का निर्णय लिया है। कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मीनिवास पांडेय ने इस संबंध में एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है और छात्र कल्याण के अध्यक्ष प्रोफेसर पुरेन्द्र वारिक को इसे लागू कराने का निर्देश दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
ग्रीष्मावकाश में Online Classes का क्या है उद्देश्य?
प्रोफेसर वारिक ने सभी संबद्ध शास्त्री महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों और स्नातकोत्तर विभागों के अध्यक्षों को पत्र लिखकर गर्मी की छुट्टियों में भी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने को कहा है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. निशिकांत ने बताया कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से कार्यों को निपटाने और Academic Session को नियमित करने के लिए कुलाधिपति के हालिया निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय पूरी तरह से सक्रिय है। विश्वविद्यालय चाहता है कि छात्रों का Academic Session समय पर पूरा हो, और वे अपनी परीक्षाओं के लिए तैयार रहें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इन सेमेस्टरों के लिए होंगी कक्षाएं
प्रोफेसर वारिक द्वारा प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शास्त्री और आचार्य कक्षाओं के विभिन्न सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 मई, 2026 को संपन्न हो रही हैं। अगले सेमेस्टर के लिए कक्षाओं का आरंभ शैक्षणिक पंचांग में पहले से ही वर्णित है। इसी क्रम में, शैक्षिक सत्र को नियमित करने के लिए शास्त्री प्रथम सेमेस्टर (2025-29), शास्त्री द्वितीय सेमेस्टर (2024-28), शास्त्री चतुर्थ सेमेस्टर (2023-27) तथा आचार्य प्रथम सेमेस्टर (2025-27) एवं आचार्य द्वितीय सेमेस्टर (2023-25) के छात्रों को अग्रिम सेमेस्टर में नामांकन कर 18 मई, 2026 से कक्षाएं शुरू करने का लक्ष्य है। ग्रीष्मावकाश में छात्रों की Online Classes संचालित करवाकर पाठ्यक्रम पूरा करवाया जाएगा, ताकि निर्धारित समय के भीतर इन छात्रों की परीक्षा ली जा सके। प्रोफेसर वारिक ने छात्रों से भी ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ने और इसका शैक्षणिक लाभ उठाने की अपील की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







