

Darbhanga News: रविवार की सुबह जब सूरज की किरणें बागमती की लहरों को चूम रही थीं, तब दरभंगा की धरती एक नए संकल्प की साक्षी बन रही थी। यह संकल्प था जल को जीवन देने का, प्रकृति को सम्मान देने का। संत निरंकारी मिशन के ‘प्रोजेक्ट अमृत’ ने बागमती नदी के तट पर स्वच्छता की ऐसी अलख जगाई कि देखने वाले भी वाह कह उठे।
Darbhanga News: क्या था इस महाअभियान का उद्देश्य?
रविवार की सुबह दरभंगा के मब्बी स्थित महादेव मंदिर के समीप बागमती नदी घाट पर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण में एक भव्य स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सुबह 8 बजे से 11 बजे तक चले इस अभियान में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सेवादारों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। सेवादारों ने न केवल नदी घाट, बल्कि महादेव मंदिर परिसर की भी व्यापक सफाई की। इस दौरान घाट क्षेत्र से प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश दिया गया। मिशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, इस अभियान का मूल उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि समाज में जल संरक्षण के प्रति एक गहरी चेतना जगाना है।
मिशन के स्थानीय प्रतिनिधियों—शिशो, दरभंगा टाउन एवं लहेरियासराय के मुखी नंद किशोर राय, राजकुमार प्रसाद एवं रामाशीष सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि यह अभियान केवल दरभंगा तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया। इस व्यापक भागीदारी ने इसे एक ऐतिहासिक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है, जो स्वच्छता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक प्रभावशाली ढंग से पहुँचा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाया झाड़ू, दिया बड़ा संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ सहबाजपुर की मुखिया शबानी, सदर प्रमुख उदय कुमार सहनी, शिशो के मुखिया अजय कुमार ठाकुर एवं सरपंच ऊनवार खां द्वारा सामूहिक रूप से किया गया। इन जनप्रतिनिधियों ने केवल फीता काटकर औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि स्वयं हाथों में झाड़ू उठाकर घाट की सफाई की और समाज को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का सीधा संदेश दिया। उनका यह कदम वहां मौजूद सैकड़ों सेवादारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। सेवादारों ने बताया कि यह अभियान समाज को यह अनुभूति कराने के लिए है कि जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है।
इसकी रक्षा और संवर्द्धन करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक कर्तव्य है। पिछले तीन वर्षों से संत निरंकारी मिशन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल जल संरक्षण को एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे जीवनशैली, संस्कार और सेवा भाव के रूप में आत्मसात करने की प्रेरणा दे रही है।
प्रोजेक्ट अमृत: एक जनआंदोलन का स्वरूप
स्थानीय प्रतिनिधियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता समाज के प्रत्येक वर्ग में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और सक्रिय सहभागिता की सुदृढ़ चेतना विकसित करना है। दरभंगा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं रहा, बल्कि यह जल के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति सम्मान और मानवता के प्रति समर्पण का एक भव्य सामाजिक संकल्प बनकर उभरा। ‘प्रोजेक्ट अमृत’ अब एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सशक्त जनआंदोलन बन चुका है। इस कार्यक्रम में मनहर, विशाल, दीपक, डॉ. शशिबाला, वर्षा रानी, अरविंद कुमार सिंह, संजय कुमार राजू, योगेंद्र, मुरारी राय, किशुन राम, मनोज, रणवीर समेत सैकड़ों महिला और पुरुष सेवादारों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





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