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जनवरी, 4, 2026

Darbhanga News: दरभंगा में Savitribai Phule Jayanti पर ‘बहनापा अभियान’ का आगाज

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Darbhanga News: Savitribai Phule Jayanti: ज्ञान की लौ जलाने वाली, समाज को नई दिशा देने वाली सावित्रीबाई फुले का जीवन आज भी संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक है। शिक्षा के द्वार खोलने की उनकी विरासत आज के दौर में और भी प्रासंगिक है।

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Savitribai Phule Jayanti पर ऐपवा ने छेड़ा ‘बहनापा अभियान’

दरभंगा, 3 जनवरी 2025: अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के तत्वावधान में आज भाकपा(माले) के जिला कार्यालय में महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का संचालन ऐपवा की जिला सचिव शनिचरी देवी ने किया, जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष साधना शर्मा ने की।

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जयंती समारोह के अवसर पर वक्ताओं ने लड़कियों के लिए मुफ्त शिक्षा, सभी धर्मों की महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की पैरवी की। इसके साथ ही, सत्ता-संरक्षित बलात्कार की बढ़ती संस्कृति के खिलाफ ऐपवा ने राष्ट्रव्यापी ‘बहनापा अभियान’ का आगाज किया। यह अभियान 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले की जयंती से शुरू होकर 9 जनवरी को फातिमा शेख की जयंती तक चलेगा। दरभंगा में भी इस अभियान के तहत सावित्रीबाई फुले और ज्योतिराव फुले की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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यह भी पढ़ें:  दरभंगा के घनश्यामपुर देउरी में जश्न: अभिषेक मंडल बने चार्टर्ड अकाउंटेंट, मिला गांव के पहले CA बनने का गौरव

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि फातिमा शेख और उनके भाई उस्मान शेख के योगदान को याद किए बिना सावित्रीबाई और ज्योतिराव फुले के संघर्ष की कहानी अधूरी है। उन्होंने बताया कि जब सावित्रीबाई फुले ने ब्राह्मणवादी मनुवादियों की चुनौतियों का सामना करते हुए लड़कियों की शिक्षा के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए, तब तत्कालीन ब्रिटिश शासकों ने उनका समर्थन किया था।

आज के आजाद भारत में स्थिति बिल्कुल विपरीत है। शिक्षा को इतना महंगा और निजी बना दिया गया है कि गरीब परिवारों की लड़कियां चाहकर भी उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पातीं। यह समाज की एक बड़ी विडंबना है जब हम महिला शिक्षा की बात करते हैं और साधनहीन वर्ग इससे वंचित रह जाता है।

वर्तमान शिक्षा प्रणाली और महिला अधिकारों पर गंभीर सवाल

कार्यक्रम में रानी सिंह, फूलों देवी, सबरी देवी, रीना देवी, सुकनी देवी और पूनम देवी सहित कई अन्य महिलाओं ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने महिला अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए सावित्रीबाई फुले के संघर्षों को याद किया और वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

इस कार्यक्रम में भाकपा(माले) के जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, नगर सचिव कामेश्वर पासवान, अवधेश सिंह, गंगा मंडल, रंजन प्रसाद सिंह, उपेंद राम, कल्याण भारती सहित अनेक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने एकजुट होकर समाज में समानता और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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