

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। हजारों हैक्टेयर भूमि में पानी जमा हो जाने से इसमे लगे धान की फसल काटने में किसानों को समस्या हो रही है। किसान इस बात से चिन्तित हैं कि मेहनत से खेती करने के बाद पके हुए धान को खेतों से काटकर कैसे खलिहान लाया जाय। ज्यों ज्यों समय बितता जा रहा है खेतों में जमा पानी से पके हुए धान का पौधा बरबाद होने लगा है।
समय रहते इस जमे हुए पानी को खेतों से अगर नहीं निकाला गया तो हजारों हैक्टेयर भूमि लगे धान का फसल नष्ट तो होगा ही, साथ ही किसान गेहूं के खेती करने से भी बंचित रह जाएंगे।
यह समस्या बिरौल प्रखंड क्षेत्र के सुपौल,बिरौल, हनुमाननगर,रजबा एवं गौड़ाबौड़ाम प्रखंड के जिरात, करकौली बंगराहठा सहित कई गांव के सैकड़ों किसानों के लिए बन चुका है। जिसे देखने के लिए न तो संबंधित विभाग के अधिकारी को फूर्सत है और न ही कोई जनप्रतिनिधि किसानों के इस महत्वपूर्ण समस्या का निदान कराने के प्रति संवेदनशील दिख रहे हैं।
इस संबंध में गौड़ाबौड़ाम प्रखंड के कसरौर करकौली पंंचायत के मुखिया बिजली पासवान जो एक किसान भी है उनका कहना है कि बिरौल-बौराम मुख्य मार्ग पर पुलिया के निकट बने डायवर्सन को खोल देने से धान की कटाई तत्काल शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बिरौल प्रखंड के सोनपुर तथा कुशेश्वरस्थान प्रखंड के भदहर के निकट पूर्व से अवरुद्ध किये गए नदी को खोलने से हजारों हैक्टेयर भूमि का उपयोग किसान करना शुरू कर देंगे और क्षेत्र खुशहाल हो जाएगा।


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