

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। बीते रात थाना क्षेत्र के बुंआरी गांव में दो पक्षों के बीच बेवजह विवाद को बढ़ा कर दर्जनों महिला-पुरुष को पुलिस के डंडे का शिकार करवा देना एक दुखद घटना है। इस घटना में महिला सहित दोनों पक्षों से दो दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए। इधर,एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि इस घटना में जो भी दोषी पाये जाएंगे, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पढ़िए पूरी खबर
हांलाकि इस घटना में एक दर्जन पुलिस कर्मी भी चोटिल हुए है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी सीएचसी पहुंच कर जख्मियों के परिजनों से बात की। इधर पीएसआई राहुल कुमार के आवेदन पर जहां दोनों पक्षों के लगभग दो दर्जन लोगों के विरुद्ध पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। वहीं पीड़ित राजकुमारी देवी ने बल का प्रयोग करने वाले पुलिस पदाधिकारी सहित 23 लोगों के विरुद्ध थाना में आवेदन दिया है।
चिकित्सक ने सीएचसी मे भर्ती सभी पक्षों मे 42 मे से 19 गंभीर जख्मियों को डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार बुंआरी गांव में दो पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद बेवजह मारपीट मे तब्दील हो गया। जिसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क किनारे खड़े रौशन सिंह को पुलिस ने अपने गाड़ी पर बैठा लिया।
इसे देख महिलाओं ने यह समझ कर कि पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है दोषी के जगह निर्दोष को पकड़ लिया, महिलाओं ने रौशन को गाड़ी से उतरवा लिया। बताया जाता है कि कुछ देर बाद दर्जनों की संख्या में पुलिस बल बुंआरी पहुंच कर बल का प्रयोग कर दिया।जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए।
थानाध्यक्ष एस एन सारंग ने बताया कि दो पक्षों में मारपीट हुई है। दोनों पक्षों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया गया है। अनुसंधान के दौरान दोषी पाए गए लोगों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस घटना में 10 पुलिस कर्मी भी जख्मी हो गए हैं।

