
Shimla News: शिमला की शांत वादियों में अपराध का अंधेरा ऐसा छाया कि चोरों ने सीधे बिजली विभाग के पावर स्टेशन को ही अपना निशाना बना लिया। लेकिन हिमाचल पुलिस की मुस्तैदी के आगे चोरों की चालाकी धरी की धरी रह गई।
Shimla News: राजधानी शिमला में लोक भवन और मंत्री आवास जैसे वीआईपी इलाके के पास स्थित बिजली विभाग के पावर स्टेशन से लगभग एक लाख रुपये के तांबे के सामान की चोरी के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सिलसिले में बिहार के तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के पास से चोरी किए गए तांबे की तारें, कॉपर बस बार और कॉपर अर्थ वायर सहित पूरा सामान बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस कॉपर चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
Shimla News: फिल्मी अंदाज में रेकी, फिर दिया चोरी को अंजाम
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में जो खुलासा किया, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि इस घटना को अंजाम देने से पहले उन्होंने संबंधित जगह की पूरी रेकी की थी। उन्हें पता था कि किस समय वहां सुरक्षा सबसे कम होती है। इसके बाद, 28 फरवरी की मध्यरात्रि को वे बिजली स्टेशन में घुसे और तांबे की कीमती तारें काटकर चोरी कर लीं। चोरी के बाद तारों को जंगल के रास्ते से मुख्य सड़क तक लाया गया, जहां उन्होंने अपने साथी रंजीत उर्फ डैनी को गाड़ी लेकर बुलाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एक संदिग्ध से पूछताछ और फिर खुला पूरा मामला
यह मामला 1 मार्च को तब सामने आया जब बिजली विभाग ने छोटा शिमला थाने में शिकायत दर्ज कराई कि बार्न्स कोर्ट क्षेत्र में स्थित पावर स्टेशन से तांबे की तारें चोरी हो गई हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के लिए गठित विशेष टीम ने कबाड़ के कारोबार से जुड़े लोगों से पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई। शुरुआत में रंजीत उर्फ डैनी एक संदिग्ध के रूप में सामने आया, लेकिन वह लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। इसके बावजूद, पुलिस ने ठोस सबूत जुटाए और आखिरकार उसकी गाड़ी से चोरी की गई तांबे की तारें बरामद कर ही लीं, जिसके बाद 6 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
शिमला से भागने की फिराक में थे अन्य आरोपी
रंजीत की गिरफ्तारी इस मामले में एक बड़ी कामयाबी थी। उससे हुई पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपियों, सोनू सहानी और अजय सहानी उर्फ लनटुन की पहचान हुई। दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए कुछ समय तक फरार रहे और अंडरग्राउंड हो गए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, पुलिस की लगातार दबिश के कारण जब वे शिमला से बाहर दिल्ली की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें कैथलीघाट के पास धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत उर्फ डैनी, सोनू सहानी (29 वर्ष) और अजय सहानी उर्फ लनटुन (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल शिमला में ही रह रहे थे। मामले में आगे की जांच जारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।


