

सिंहवाड़ा, देशज टाइम्स। यह पीड़ा की घड़ी है। सिंहवाड़ा उत्तरी पंचायत निवासी, बड़े व्यवसायी विष्णुदेव भारती के छोटे पुत्र 37 वर्षीय रमण कुमार ऊर्फ चुन्नू के अपहरण के करीब चार दिनों बाद भी उसकी तलाश पुलिस नहीं कर सकी है। संपूर्ण सिंहवाड़ा इससे आक्रोशित,अ शांत व उबाल में है। लोगों में गुस्सा है। नाराजगी है तो पुलिस प्रशासन की कार्यशैली से सवाल भी।

विरोध में गुरुवार की सुबह से स्थानीय सिंहवाड़ा के आम लोग, व्यवसायी उद्धेलित हैं। सड़कों पर हैं। बाजारों में सन्नाटा पसरा है। हर दुकानें बंद हैं। यहां तक एक चाय की दुकानों में भी आग नहीं जली है। पान खाने की लालसा लिए लोग सड़कों पर हैं लेकिन उनके मुख की लाली गायब है। सब यही दुआ कर रहे, हमारा प्यारा चुन्नू कब लौटेगा। मगर, सिस्टम है, व्यवस्था है, जनप्रतिनिधि हैं, सरकार है, पुलिस प्रशासन की सिंहवाड़ा इकाई है तो खुद एसएसपी बाबूराम दरभंगा से पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मगर, दु:खद यही, इतने अर्से बीत गए, परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। पारिवारिक जनों का रो-रोकर बुरा है। संपूर्ण सिंहवाड़ा है जो हर वक्त यही एक-दूसरे से पूछ रहा…क्या चुन्नू लौटा लेकिन जवाब देने वालों की उदास होती आंखें कई रातों से सोयी नहीं है।
बाजार बंद, शांत लोग उतरे सड़क पर

गुरुवार की सुबह ही स्थानीय सिंहवाड़ा के लोग सड़कों पर उतर आए। विरोध का स्वर बेहद शांत था। कहीं कोई नारे नहीं लग रहे थे मगर, अंदर की आग ऐसी थी, मानो बिहार को जला देंगे। पुलिस प्रशासन की नाकारा व असफल होती कोशिश के बाद भी सिंहवाड़ा के शांतप्रिय लोग एक शब्द नहीं बोल रहे। बस, मूक विरोध करते सिंहवाड़ा से चलकर कटासा पहु़ंचे। वहां से फिर लौटकर उस जगह, उस ज्वेलरी की दुकान के बाहर जुटे जहां से सोमवार की शाम एक हनुमानी लेकर इस समाज का प्यारा बेटा दरभंगा की ओर निकला था। मगर, आज तक उसकी कोई खबर नहीं है।
सभा में विरोध जारी रखने का फैसला

जुलूस कटासा से लौटकर सिंहवाड़ा उत्तरी पंचायत स्थित रमण कुमार ऊर्फ चुन्नू की ज्वेलरी दुकान के पास जुटी।
मौके पर सभा हुई। स्रभा में मुखिया अविनाश कुमार, चुन्नू के बड़े भाई मनोज कुमार ऊर्फ मुन्ना, प्रेम कुमार भगत, चंदेश्वर ठाकुर, अरूण ठाकुर, बंधु राउत, पूर्व मुखिया सुनील पासवान, राजेश ठाकुर, प्रताप कुमार ठाकुर, शेषनाथ ठाकुर, अजय झा, मुकेश कुमार समेत सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते हुए जल्द बरामदगी की मांग रखी। साथ ही, पुलिस प्रशासन से दो टूक कहा, हमारी शांति, धैर्य को कतई कमजोरी ना समझें। अगर चौबीस घंटे के भीतर बरामदगी नहीं होती है तो फिर पूरा सिंहवाड़ा एकसाथ अशांत हो जाएगा।
विरोध में पूरा इलाका उतरा


वहीं, भाजयुमो नेता सत्यम गोपाल ने देशज टाइम्स को बताया, भरवाड़ा, सनहपुर, कटासा, पनिशल्ला, सिमरी, मनिहास, लखनपुर, राढ़ी, पकटोला, डोगरा, जाले, सहसपुर, कमतौल, बलहा, दुधैल, ब्रह्मपुर समेत दरभंगा नगर, सुंदरपुर में भ व्यवासियों में उबाल है। सभी जगहों के स्वर्ण व्यवसायियों व अन्य व्यवसायियों ने गुरुवार को प्रतिष्ठान को बंदकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, कलिगांव में जुलूस व बंद का नेतृत्व कर रहे लोजपा के प्रखंड अध्यक्ष जयप्रकाश झा ने देशज टाइम्स को बताया, प्रशासन जल्द अपह्त व्यवसायी की बरामदगी करें नहीं तो प्रखंड लोजपा आंदोलनरत होकर सड़कों पर उतरेगी।

कहां हैं जीवेश…चुभ रही यह बात

सिंहवाड़ा के लोग बेहद शांत तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका मानना है, हमें शांत रहकर ही विरोध करना है और यह सिंहवाड़ा के स्वभाव में भी है। मगर, स्थानीय जाले के विधायक जीवेश कुमार की कहीं कोई सहभागिता नहीं दिखने से लोगों में अंदरखाने काफी उबाल है।
इसे सार्वजनिक रूप से भी सभा में उठाई गई लेकिन कुछ लोगों ने यह कहकर मामले को दबा दिया, हमें अपनी लड़ाई खुद लड़नी है। मगर, जनप्रतिनिधियों की भी अपनी जवाबदेही होती है खासकर तब और जब आप स्थानीय हों और स्थानीयता की दुहाई देकर चुनाव की लकीर पार की हो…देशज टाइम्स की अपील…अभी भी थोड़ा जागिए विधायकजी…।
विष्णुदेव भारती के पुत्र रमण के अपहरण के खिलाफ सिंहवाड़ा बाजार बंद, विरोध में मार्च








You must be logged in to post a comment.